Sunday, April 05, 2026
BREAKING
गांव बरौली में श्री हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया रॉकी व्यू काउंटी, कैलगरी, कनाडा के नव नियुक्त मेयर के सम्मान में आयोजित समारोह "खेतों तो प्लेट तक" – पंजाब की कृषि को मजबूत करने के लिए एक नवीन पहल दिल की बीमारियों से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज; आपातकालीन स्थितियों में सहायता प्रदान कर रही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’* भगवंत मान सरकार ने बकाया राशि की वसूली के लिए ओ.टी.एस. 2025 की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई की: हरपाल सिंह चीमा विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए पंजाब पूरी तरह तैयार: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ₹10,000 रिश्वत लेते नायब कोर्ट को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया पश्चिम बंगाल चुनाव: 4,660 सहायक पोलिंग स्टेशन को मंजूरी, मतदाताओं को राहत रायसेन में राष्ट्रीय कृषि महोत्सव, किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का पूरा समाधान राजनाथ सिंह ने ‘लार्ज कैविटेशन टनल’ परियोजना की रखी आधारशिला

धर्म

अमरनाथ यात्रा : अब तक 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, चरम पर आस्था का उत्साह

12 जुलाई, 2025 10:14 PM

अमरनाथ यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और सुरक्षा के मजबूत संगम के साथ ऐतिहासिक बनती जा रही है। 3 जुलाई 2025 को शुरू हुई इस पवित्र यात्रा में अब तक 1.63 लाख श्रद्धालुओं ने बर्फानी बाबा के दर्शन कर लिए हैं। आज शनिवार को 6,639 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों के मुताबिक तड़के 2:50 बजे, 2,337 यात्रियों को लेकर 116 वाहनों का पहला काफिला बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। इसके बाद 3:55 बजे, 4,302 यात्रियों के साथ 161 वाहनों का दूसरा काफिला नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप की ओर निकला।

इस बार यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के लिहाज से कोई समझौता नहीं किया गया है। पूरे मार्ग को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सुरक्षित किया गया है। सुरक्षा बलों की मौजूदा तैनाती को और मजबूत करने के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं-पहलगाम और बालटाल। पहलगाम मार्ग से तीर्थयात्री चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और यह मार्ग करीब 46 किलोमीटर लंबा है, जिसे तय करने में चार दिन लगते हैं। वहीं, बालटाल मार्ग सिर्फ 14 किलोमीटर लंबा है और उसी दिन यात्रा पूरी कर वापस बेस कैंप लौटा जा सकता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे सभी तीर्थयात्रियों को पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही है।

तीन जुलाई को शुरू हुई यह यात्रा 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का दिन होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह वही गुफा है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता और शाश्वत जीवन का रहस्य बताया था, इसलिए यह यात्रा हिंदू श्रद्धालुओं के लिए सबसे पवित्र तीर्थों में मानी जाती है।-

 

Have something to say? Post your comment

और धर्म खबरें

31 मार्च का पंचांग : त्रयोदशी तिथि पर रवि योग, अमृतकाल व अभिजित मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

31 मार्च का पंचांग : त्रयोदशी तिथि पर रवि योग, अमृतकाल व अभिजित मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

धर्म के आधार पर ओबीसी आरक्षण के कथित दुरुपयोग पर राज्यसभा से विपक्ष का बहिर्गमन

धर्म के आधार पर ओबीसी आरक्षण के कथित दुरुपयोग पर राज्यसभा से विपक्ष का बहिर्गमन

चैत्र रामनवमी पर महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ी आस्था की अविरल धारा

चैत्र रामनवमी पर महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ी आस्था की अविरल धारा

हिंदू नववर्ष पर राम मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया गया

हिंदू नववर्ष पर राम मंदिर के शिखर पर नया ध्वज फहराया गया

चैत्र नवरात्र: सनातन परंपरा में शक्ति, श्रद्धा और नवजीवन का दिव्य महापर्व

चैत्र नवरात्र: सनातन परंपरा में शक्ति, श्रद्धा और नवजीवन का दिव्य महापर्व

नवरात्रि में मां अम्बे की आराधना से देशभर में शांति और ऊर्जा का संचार: पीएम मोदी

नवरात्रि में मां अम्बे की आराधना से देशभर में शांति और ऊर्जा का संचार: पीएम मोदी

Chandra Grahana 2026 : आज शाम दिखेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, इन 4 राशियों को सतर्क रहने की बेहद जरूरत

Chandra Grahana 2026 : आज शाम दिखेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, इन 4 राशियों को सतर्क रहने की बेहद जरूरत

2 मार्च का पंचांग: सोमवार को अभिजित मुहूर्त और रवि योग के साथ भद्रा की छाया, जानें शुभ-अशुभ समय

2 मार्च का पंचांग: सोमवार को अभिजित मुहूर्त और रवि योग के साथ भद्रा की छाया, जानें शुभ-अशुभ समय

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतरत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतरत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

महाशिवरात्रि: त्रिशूल, चंद्र और सूर्य के दिव्य शृंगार में सजे बाबा महाकाल, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

महाशिवरात्रि: त्रिशूल, चंद्र और सूर्य के दिव्य शृंगार में सजे बाबा महाकाल, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब