भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूलों में बच्चों को बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों के लिए अतिरिक्त फैट, अतिरिक्त चीनी और सोडियम की मात्रा की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य बच्चों के लिए स्कूलों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाना है।
FSSAI ने Food Safety and Standards (Safe Food and Balanced Diets for Children in School) Regulations, 2020 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। यह प्रस्ताव भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की Dietary Guidelines for Indians-2024 के आधार पर तैयार किया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, किसी ठोस खाद्य पदार्थ में 4.2 ग्राम प्रति 100 ग्राम से अधिक अतिरिक्त फैट होने पर उसे अतिरिक्त फैट की उच्च मात्रा वाला खाद्य पदार्थ माना जाएगा। तरल उत्पादों के लिए यह सीमा 1.5 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक रखी गई है।
अतिरिक्त चीनी के मामले में ठोस खाद्य पदार्थों के लिए सीमा 3 ग्राम प्रति 100 ग्राम से अधिक, जबकि तरल उत्पादों के लिए 2 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक प्रस्तावित की गई है।
इसी तरह, नमक की मात्रा के आधार पर सोडियम की उच्च मात्रा वाले खाद्य पदार्थों की पहचान की जाएगी। ठोस खाद्य पदार्थों में यह सीमा 0.625 ग्राम नमक प्रति 100 ग्राम से अधिक और तरल उत्पादों में 0.175 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक प्रस्तावित की गई है।
FSSAI ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत मौजूदा स्कूल निगरानी एवं सर्वेक्षण संबंधी प्रावधान के बाद नया नियम जोड़ा जाएगा।
मसौदा नियम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के साथ तैयार किए गए हैं।
FSSAI ने इस प्रस्ताव पर हितधारकों और आम जनता से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। गैजेट अधिसूचना के सार्वजनिक किए जाने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।
प्राधिकरण ने कहा कि निर्धारित अवधि में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे।