सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से फरवरी के बीच अपनी अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है। इस अवधि में कंपनी ने 18.24 मिलियन टन स्टील की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत अधिक है।
इस दौरान कंपनी की नकद वसूली भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। अप्रैल–फरवरी अवधि में सेल ने 1.11 लाख करोड़ रुपये की नकद वसूली दर्ज की, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।
फरवरी में भी मजबूत प्रदर्शन
इस्पात मंत्रालय के अनुसार फरवरी 2026 में ही कंपनी ने 1.58 मिलियन टन स्टील की बिक्री दर्ज की।
कंपनी ने अपने स्टॉक और कर्ज को भी कम किया है। फरवरी में सेल ने जनवरी 2026 की तुलना में 1.05 लाख टन इन्वेंटरी घटाई और 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज भी कम किया।
ग्राहकों पर फोकस
मंत्रालय के अनुसार रिटेल बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्टॉकयार्ड बिक्री और ग्राहकों तक सीधे आपूर्ति दोनों में सुधार देखने को मिला है।
नए उत्पाद की शुरुआत
बाजार की मांग को देखते हुए सेल ने चेकर प्लेट का उत्पादन फिर से शुरू किया है। इस उत्पाद का निर्माण झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में पहली बार किया जा रहा है।
कंपनी के वाणिज्य निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे ए. के. पांडा ने कहा कि कंपनी बाजार की जरूरतों के अनुसार काम करते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर इन्वेंटरी प्रबंधन और कार्यशील पूंजी के प्रभावी उपयोग से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, जबकि रिकॉर्ड बिक्री ग्राहकों के विश्वास को दर्शाती है।
इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में भी तेजी देखी गई और बीएसई में इसका शेयर 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 155 रुपये के करीब पहुंच गया।