चंडीगढ़/अमृतसर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बुलाए जाने के बाद अपना पहला औपचारिक बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री ने बहुत विनम्रता से जत्थेदार साहिब के आदेश को स्वीकार कर लिया है और 15 जनवरी को अपनी हाजिरी पक्की कर दी है। भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सबसे बड़ी संस्था है और वहां से आने वाला हर आदेश उनके लिए एक विनम्र आदेश है। उन्होंने कहा, "मैं वहां नंगे पैर हाजिर होऊंगा, एक मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के तौर पर।"
गौरतलब है कि 15 जनवरी को भारत के माननीय राष्ट्रपति गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU), अमृतसर में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के प्रोग्राम में शामिल न हो पाने के लिए वह माफी मांगते हैं। उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब का हुक्म सबसे ऊंचा है और हमेशा रहेगा। धार्मिक मर्यादा और तख्त साहिब की सर्वोच्चता उनके लिए सरकारी कामों से ज़्यादा ज़रूरी है।