नई दिल्ली(एजेंसी) : लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्कों निफ्टी और सेंसेक्स में 500 से ज्यादा अंकों तक की बढ़त दर्ज की गई।
सेंसेक्स 416.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत चढ़कर 73,665.64 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 54.55 अंक यानी 0.24 प्रतिशत बढ़कर 22,742.20 पर खुला।
सेंसेक्स पिछले दिन 73,249.39 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी का पिछला बंद 22,687.65 था। वहीं दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 517.12 अंकों यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,766.51 का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 50 करीब 100 अंक यानी 0.43 प्रतिशत उछलकर 22,787.25 का हाई टच किया।
इस दौरान, व्यापक बाजारों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, क्योंकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी इंडेक्स एकमात्र ऐसा इंडेक्स था जिसमें तेजी (1.8 प्रतिशत) देखी गई। निफ्टी मेटल, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक स्तर पर, एशियाई बाजारों में गिरावट आई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार एआई पर होने वाले खर्च और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर चिंताओं के चलते ज्यादातर निचले स्तर पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का उछलकर 114 डॉलर तक पहुंच जाना अर्थव्यवस्था और बाजारों के लिए एक बड़ी नकारात्मक बात है। हालांकि, अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड में 4.96 प्रतिशत तक की भारी गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपए का मजबूत होकर 94.70 पर आना सकारात्मक संकेत हैं, जो एफआईआई की बिकवाली को काफी हद तक रोक सकते हैं।
पिछले दो दिनों में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में गए 3.73 लाख करोड़ रुपए में से 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि, शेयरों के अलॉटमेंट के बाद अगले सोमवार तक वापस सिस्टम में आ जाएगी। “लिक्विडिटी में आने वाला यह संभावित उछाल अगले हफ्ते बाजार को ऊपर ले जा सकता है।
गुरुवार को एफआईआई नेट सेलर रहे और उन्होंने 3,459 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 2,891 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी करके बाजार को सपोर्ट दिया।
गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में, एआई-आधारित टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के चलते नैस्डैक 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इसी तरह, एशियाई बाजारों की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई, जिसमें जापान का निक्केई लगभग 1.7 प्रतिशत नीचे आ गया।