लुधियाना : पंजाब सरकार की तरफ से लाल लकीर अधीन बसने वाले परिवारों को मालिकी का अधिकार देने के लिए शुरू की गई स्कीम 'मेरा घर मेरे नाम' को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस संबंधी चल रही फील्ड वैरिफिकेशन दौरान प्रशासन की तरफ से ड्रोन की मदद लेते हुए नक्शों को प्रमाणित किया जा रहा है।
बता दें कि पंजाब सरकार द्वारा इस क्रांतिकारी मुहिम तहत दशकों से ग्रामीण या शहरी एरिया में लाल लकीर के अधीन रहने वाले परिवारों को जमीन का मालिक बनाया जा रहा है जिससे लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा। मालिकी का सबूत मिलने के उपरांत परिवार जमीन पर बैंक लोन लेने के साथ उसे मार्कीट कीमत पर बेचने के भी काबिल हो जाएंगे। इस मुहिम तहत चल रही कार्रवाई की जानकारी देते हुए डी.सी. हिमांशु जैन ने बताया कि नगर निगम अधीन पड़ते 8 गांवों में 6147 घर शामिल हैं, इनमें गांव काकोवाल, गेहलेवाल, सलेम टाबरी, शेरपुर खुर्द और शेरपुर कलां, डाबा, लोहारा और ग्यासपुरा शामिल हैं। इन गांवों में ज्यादातर सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और बाकी को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए प्रशासन की तरफ से 16 टीमें गठित की गई हैं जिसमें रैवेन्यू ऑफिस व नगर निगम के अधिकारी भी शामिल है हैं जो आपसी तालमेल से इस कार्य को प्रभावशाली ढंग से पूरा कर रहे हैं, जिसके बाद लाल लकीर अधीन आने वाले घरों संबंधी बाकायदा नक्शा पब्लिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा ताकि अगर किसी को कोई एतराज हो तो समय पर उसका निपटारा किया जा सके।
उन्होंने बताया कि हैबोवाल खुर्द में नक्शा-2 पहले ही लगा दिया गया है, डी.सी. ने स्पष्ट किया कि सरकार की इस मुहिम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।