नई दिल्ली देश में तेज विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में रेलवे, स्टार्टअप और डिवेलपमेट से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन योजनाओं पर 1.6 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से देश के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। यह फैसला देश के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए। शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि यूनियन कैबिनेट ने रेलवे, सडक़, टनल और मेट्रो से जुड़े कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट में 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये के फैसले लिए गए। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, अर्बन चैलेंज फंड, स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 शामिल हैं।
कैबिनेट ने जिन परियोजनाओं को मंजूरी दी है उनमें एक बड़ा हिस्सा ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए है। इसका मकसद कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी और रीजनल डिवलपमेंट को बढ़ाना है। कैबिनेट ने तीन बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। रेल प्रोजेक्ट्स में कैबिनेट ने 10,154 करोड़ रुपए की कसारा-मनमाड तीसरी और चौथी लाइन परियोजना, 5,983 करोड़ रुपए की दिल्ली-अंबाला तीसरी और चौथी लाइन परियोजना और 2,372 करोड़ रुपए की बल्लारी-होसपेट तीसरी और चौथी लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा गुडेबेलूर-महबूबनगर सेक्शन को 3,175 करोड़ की लागत से फोर-लेन किया जाएगा। धमसिया-बिटाडा और नासरपोर-मलोथा सेक्शन को 4,584 करोड़ की लागत से फोर लेन किया जाएगा। घोटी-त्र्यंबक-पालघर सेक्शन का अपग्रेडेशन 3,320 करोड़ की लागत से किया जाएगा। नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन एक्सटेंशन को भी मंजूरी मिल गई है। इसमें 2,254 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट शामिल है। कैबिनेट ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट देने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग को भी मंजूरी दी है। इससे जुड़ा सबसे बड़ा फैसला अर्बन चैलेंज फंड है, जिस पर 1,00,000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। कैबिनेट ने शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप और डीप-टेक इनोवेशन को सपोर्ट करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए के कॉप्र्स के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने 1 लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड को भी मंजूरी दी है।
देश में पहली बार बनने जा रही ट्विन-ट्यूब अंडरवाटर टनल, घंटों के सफर में लगेंगे चंद मिनट
मोदी कैबिनेट ने असम में ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच रेल एवं सडक़ टनल बनाने को मंजूरी दे दी है, जिसका खर्च 18,662 करोड़ रुपए है। अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड टनल बनने से 240 किमी की दूरी सिर्फ 34 किमी की रह जाएगी। ब्रह्रापुत्र नदी के नीचे 15.8 किमी की टनल बनाई जाएगी। देश में पहली बार ट्विन-ट्यूब अंडरवाटर टनल बनने जा रही है। इस टनल में गाडिय़ों और ट्रेनों दोनों के चलने की सुविधा होगी। इससे किसी भी एमरजेंसी की स्थिति में सेना और गोला-बारूद की तेजी से आवाजाही हो सकेगी। एक ट्यूब में सिंगल रेल ट्रैक की सुविधा होगी।