नई दिल्ली : देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की रिक्त 37 सीटों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन भाजपा, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के कुल 37 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। इसके अतिरिक्त, दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। कई राज्यों में सीटों की संख्या और उम्मीदवारों की संख्या समान होने के कारण अब कई दिग्गजों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
प्रमुख राज्यों का चुनावी समीकरण
महाराष्ट्र: महायुति गठबंधन ने रामदास अठावले, विनोद तावड़े, माया वाघमारे और रामराव वडकुटे को मैदान में उतारा है। राकांपा की ओर से सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार ने नामांकन भरा है। शिवसेना (शिंदे गुट) से ज्योति वाघमारे और महा विकास अघाड़ी की ओर से शरद पवार ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नवीन, शिवेश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा ने राजग (NDA) की ओर से नामांकन दाखिल किया।
हरियाणा: भाजपा से संजय भाटिया, कांग्रेस से कर्मवीर सिंह बौद्ध ने नामांकन भरा है, जबकि सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है।
पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस ने बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक, राजीव कुमार और मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया है, वहीं भाजपा से राहुल सिन्हा ने नामांकन किया।
ओडिशा: भाजपा ने मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को, जबकि बीजद (BJD) ने संत्रुप्ता मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता को प्रत्याशी बनाया है। दिलीप रे ने भाजपा समर्थित निर्दलीय के रूप में नामांकन भरा है।
तमिलनाडु: सत्ता पक्ष से एन. शिवा, जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, क्रिस्टोफर तिलक और एल.के. सुदीश ने नामांकन किया, वहीं विपक्ष से एम. थंबीदुरई और अम्बुमणि रामदास मैदान में हैं।
अन्य राज्य: असम से राजग के जोगेन महान, तेराश गोवाला और प्रमोद बोरो का निर्विरोध चुना जाना तय है। वहीं, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम तथा हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा ने नामांकन दाखिल किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों के बीच आम सहमति न बन पाने के कारण कई राज्यों में चुनाव महज एक औपचारिकता बनकर रह गए हैं।