लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश के चहुंमुखी विकास को गति देने के लिए कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने किसानों के हित में नई गेहूं क्रय नीति को मंजूरी देने के साथ-साथ प्रदेश के बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए दर्जन भर से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
गेहूं खरीद का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन, ₹2,585 समर्थन मूल्य
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 हेतु गेहूं क्रय नीति स्वीकृत की है। भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल की दर से 25 मार्च से 15 जून 2026 तक गेहूं की खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रस्ताव को बढ़ाकर खरीद का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। 6,500 केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए पारदर्शी खरीद होगी और 48 घंटे में सीधे किसानों के खातों में भुगतान पहुंचेगा।
'नवयुग पालिका योजना' से चमकेगा 58 जिला मुख्यालयों का बुनियादी ढांचा
प्रदेश के नगरीय निकायों को 'स्मार्ट स्मार्ट' बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 'नवयुग पालिका योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत नगर निगमों से परे 58 जिला मुख्यालयों (55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायत) का चयन किया गया है। 5 वर्षों में ₹2,916 करोड़ की लागत से इन शहरों में बुनियादी ढांचे का उन्नयन, स्वच्छ वातावरण और डिजिटल गवर्नेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
औद्योगिक और निवेश को पंख: लॉजिस्टिक्स पार्क और प्लग-एण्ड-प्ले शेड्स
कैबिनेट ने औद्योगिक विकास के लिए 'डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर' (DBFOT) मॉडल पर निजी बिजनेस पार्क और प्लग-एण्ड-प्ले औद्योगिक शेड्स विकसित करने की योजनाओं को मंजूरी दी है। ग्रेटर नोएडा में 174 एकड़ पर 'मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क' की स्थापना को स्वीकृति मिली है, जिसमें ₹1000 करोड़ का निवेश और 30% लैंड सब्सिडी का प्रावधान है।
बुनियादी ढांचे और पर्यटन को सौगात: लखनऊ-सम्भल-सिद्धार्थनगर
कैबिनेट ने कई शहरों के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है:
लखनऊ: दुबग्गा चौराहे पर जाम से मुक्ति के लिए ₹305 करोड़ की लागत से 3-लेन फ्लाईओवर और 10,000 क्षमता का इंटरनेशनल एग्ज़ीबिशन-सह-कन्वेंशन सेण्टर बनेगा। हेरिटेज पर्यटन के लिए छतर मंजिल और रोशन-उद-दौला को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
सम्भल: धार्मिक आस्था को देखते हुए 24 कोसीय वंशगोपाल तीर्थ परिक्रमा मार्ग का ₹300 करोड़ से चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण होगा। साथ ही इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनेगा।
सिद्धार्थनगर: नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत बर्डपुर पिपरहवा मार्ग को ₹261 करोड़ से 4-लेन किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
बागपत चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर 5,000 टीसीडी करने को मंजूरी।
आगरा के फ्लोटिंग सोलर प्लांट और लखनऊ के दुबग्गा चौराहे फ्लाईओवर की निर्माण परियोजनाओं को स्वीकृति।
उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नई राज्य नीति-2026 स्वीकृत।
योगी कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में कृषि, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को एक नया आयाम मिलने की संभावना है।