पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। जानकारी के अनुसार PUNBUS और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने एक बार फिर संघर्ष को तेज करने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार, 6 मार्च को राज्य भर के सभी डिपो के बाहर गेट रैलियां की जाएंगी। इसके साथ ही सोमवार से रोज सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 11 कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाए कि पिछले दिनों कई कर्मचारियों को उनके घरों से हिरासत में लिया गया था और हड़ताल के दौरान उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी अभी भी धारा 307 के मामले में संगरूर जेल में बंद हैं और उनकी रिहाई की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार निजी कंपनियों की बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत शामिल करने की योजना बना रही है, जिससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि एक नई बस की कीमत करीब 33 से 34 लाख रुपये होती है, जबकि निजी कंपनियां कुछ ही वर्षों में सरकारी फंड से करोड़ों रुपये प्राप्त कर लेती हैं।
यूनियन का यह भी कहना है कि जब भी वे किसी कार्यक्रम या आंदोलन की तैयारी करते हैं तो नेताओं और कर्मचारियों को गिरफ्तार या नजरबंद कर दिया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।