भरूच (गुजरात) : बांग्लादेशी महिलाओं को गैर-कानूनी तरीके से भारत लाकर वेश्यावृत्ति में धकेलने के मामले में भरूच पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. दिसंबर 2025 के दौरान भरूच पुलिस ने एक प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसके बाद एसआईटी की दो महीने की गहरी जांच के बाद अब चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश से महिलाओं को बहला-फुसलाकर गैर-कानूनी तरीके से सीमा पार गुजरात समेत अलग-अलग इलाकों में लाया जा रहा था. मिली जानकारी के आधार पर भरूच पुलिस ने रेड करके कार्रवाई की. उस समय पुलिस ने 12 बांग्लादेशी महिलाओं को छुड़ाया था.
बचाई गई महिलाओं को तुरंत सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया और उनकी काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल, 49 महिलाओं को महिला सुरक्षा केंद्र में रखा गया है, जहां उनकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी ने 2 महीने की गहरी जांच के दौरान 49 महिलाओं समेत कुल 70 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है. जांच में पता चला है कि ये लोग गैर-कानूनी तरीके से देश में घुसे थे और मानव तस्करी और दूसरे अपराध में शामिल थे.
अंकलेश्वर के पुलिस उपाधीक्षक डॉ कुशल ओझा ने बताया, "हमारी टीम इस केस में शामिल हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रही है. गैर-कानूनी प्रवेश और मानव तस्करी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा."
उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही, मानव तस्करी गिरोह को पूरी तरह खत्म करने के लिए और भी रेड और पूछताछ जारी है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में इस केस में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. जांच एजेंसियां राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं.
भरूच पुलिस की इस कार्रवाई से मानव तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है कि गैर-कानूनी कामों में शामिल लोगों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. पूरे मामले की जांच अभी चल रही है और उम्मीद है कि भविष्य में और भी खुलासे होंगे.