रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा उत्पादन विभाग, भारतीय रक्षा निर्यातकों और अन्य सभी हितधारकों के इस अनुकरणीय प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि भारत रक्षा उपकरणों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात में प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। यह पिछले वित्त वर्ष के 23,622 करोड़ रुपए के आंकड़े से 14,802 करोड़ रुपए (62.66 प्रतिशत) की भारी वृद्धि दर्शाता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) और निजी क्षेत्र का योगदान क्रमशः 54.84 प्रतिशत और 45.16 प्रतिशत रहा है। यह रिकॉर्ड उच्च आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्शाता है।
भारतीय रक्षा उद्योग की यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को विश्व के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में स्थान दिलाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
दरअसल, व्यापार सुगमता और रक्षा निर्यातकों को सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों ने प्रदर्शन-उन्मुख और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रक्षा उद्योग के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। रक्षा उत्पादन विभाग ने इस विकास पथ पर रक्षा निर्यातकों की सहायता के लिए एक नए ऑनलाइन पोर्टल और प्राधिकरणों के लिए सरलीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के माध्यम से रक्षा निर्यात नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया है।