प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को इंडिया-ओमान बिजनेस फोरम में भाग लिया और पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा शुरू किए गए कई सुधारों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने इसे विश्व के सबसे प्रतिस्पर्धी बाजारों में से एक बना दिया है। CEPA के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इससे साझेदारी को नया आत्मविश्वास मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर कहा जाता है कि समुद्र के दो किनारे बहुत दूर होते हैं लेकिन मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत ब्रिज बना है, एक ऐसा ब्रिज जिसने हमारे रिश्तों को मजबूत किया, संस्कृति और अर्थव्यवस्था को ताकत दी। आज हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि समुद्र की लहरे बदलती हैं, मौसम बदलते हैं लेकिन भारत-ओमान की दोस्ती हर मौसम में और मजबूत होती है और हर लहर के साथ नई ऊंचाई को छूती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ” मुझे 7 वर्ष बाद ओमान आने का सौभाग्य मिला है और आज आप सभी के साथ बातचीत करने का अवसर मिल रहा है। इस बिजनेस समिट के लिए आपकी गर्मजोशी मेरा भी उत्साह बढ़ा रही है।”
उन्होंने कहा कि आज की ये समिट भारत-ओमान साझेदारी को नई दिशा देगी, नई गति देगी और नई बुलंदियों तक पहुंचने में मदद करेगी। इसमें आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका है। अब भारत और ओमान के व्यवसाय हमारे व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप उस विरासत के वारिस हैं जिसका सदियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है। सभ्यता के आरंभ से ही हमारे पूर्वज एक-दूसरे के साथ समुद्री व्यापार कर रहे थे।
बिजनेस फोरम में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज हम एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी CEPA हमारी साझेदारी को 21वीं शताब्दी में नए विश्वास, नई ऊर्जा से भर देगा। ये हमारे साझा भविष्य का ब्लू प्रिंट है। ये हमारे व्यापार को नई गति देगा, निवेश को नया भरोसा देगा और हर क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खोलेगा।
उन्होंने कहा, “CEPA हमारे नौजवानों के लिए विकास, नवाचार और रोजगार के अनेक नए अवसर बनाएगा। ये समझौता कागज से निकलकर प्रदर्शन में बदले इसमें आप सभी की भूमिका बहुत बड़ी है क्योंकि जब नीति और उद्यम एक साथ चलते हैं तभी साझेदारी नया इतिहास बनाती है।”
वहीं, ओमान बिजनेस फोरम में ओमान के वाणिज्य मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ ने कहा कि मैं भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं, हमें आपको यहां पाकर गर्व महसूस हो रहा है। ओमान और भारत के बीच ऐतिहासिक व्यापार संबंध और सहयोग रहा है। यह रिश्ता हमारी गहरी विरासत और भविष्य के लिहाज़ से बहुत अहम है।