भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) की परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को नई दिल्ली स्थित नई संसद भवन में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी, नीति आयोग की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. अंशु भारद्वाज और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के. सदाशिव मूर्ति सहित मंत्रालय, नीति आयोग और बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
‘विकसित भारत-2047’ पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सतत भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने ‘विकसित भारत-2047’ को भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति और उच्च मूल्य निर्यात केंद्र बनाने का व्यापक रोडमैप बताया।
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ पर फोकस
उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य स्वदेशी नवाचार और बड़े पैमाने पर विनिर्माण उत्कृष्टता के जरिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दिशा में “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” विजन को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने राष्ट्र निर्माण में बीएचईएल के योगदान की सराहना की।
वंदे भारत परियोजना की प्रगति पर प्रस्तुति
बैठक में के. सदाशिव मूर्ति ने ‘वंदे भारत’ परियोजना की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं में हुए विकास और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
हरित ऊर्जा संक्रमण पर चर्चा
इसके बाद डॉ. अंशु भारद्वाज ने “सतत हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण” विषय पर प्रस्तुति दी। इसमें कम-कार्बन, ऊर्जा-कुशल और सतत भविष्य के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।
सदस्यों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
समिति के सदस्यों ने बैठक में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव और अंतर्दृष्टि साझा कीं, जिससे नीतिगत दिशा तय करने में मदद मिलेगी।