जयपुर : नमक सत्याग्रह और ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जयपुर में भारत सेवा संस्थान द्वारा एक 'साइलेंट मार्च' (मौन जुलूस) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1930 की दांडी यात्रा के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "जब अंग्रेजों ने नमक पर टैक्स लगाया था, तब महात्मा गांधी की 24 दिनों की और करीब 400 किलोमीटर लंबी यात्रा ने पूरी दुनिया को संदेश दिया था कि भारत में बड़ा आंदोलन चल रहा है। आज इस दिन को मनाने का विशेष अर्थ है क्योंकि देश में लोकतंत्र खतरे में है और अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।" राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मौन जुलूस के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मार्च केंद्र की सत्ता के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध है। उन्होंने कहा, "हम इस मौन जुलूस के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि यह देश किसी एक पार्टी या तानाशाह सरकार का नहीं, बल्कि यहाँ के 144 करोड़ देशवासियों का है। लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है।"
इस 'साइलेंट मार्च' के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च किया और गांधीवादी मूल्यों पर चलने का संकल्प लिया।