पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की अटकलों के बीच अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा सियासी कार्ड खेल दिया है। सरकार बनने की सूरत में पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणिके को डिप्टी CM बनाने का ऐलान कर उन्होंने संभावित सहयोगी Bharatiya Janata Party (BJP) की रणनीति पर पानी फेर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, अगर अकाली दल और BJP में गठबंधन होता तो BJP अपने ‘बिहार मॉडल’ जैसा फॉर्मूला लागू कर सकती थी—जहां CM सहयोगी दल से और दो डिप्टी CM BJP से। लेकिन अब रणिके के नाम की घोषणा कर सुखबीर ने यह संकेत दे दिया है कि डिप्टी CM की पोजिशन पर अकाली दल पहले से दावा ठोक चुका है। सुखबीर का यह कदम न सिर्फ BJP के लिए संदेश बताया जा रहा है, बल्कि सत्ताधारी Aam Aadmi Party (AAP) पर भी दबाव की रणनीति है। क्योंकि AAP ने 2022 में वादा किया था कि सरकार बनने पर एक दलित और एक हिंदू नेता को डिप्टी CM बनाया जाएगा। लगभग चार साल बाद भी यह वादा अधूरा है। ऐसे में सुखबीर का ऐलान AAP को भी घेरने की कोशिश माना जा रहा है—अगर नया वादा करेंगे, तो पुराने का हिसाब देना पड़ेगा।