तिरुवनंतपुरम : केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा चुनाव के बीच केरल में धार्मिक नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि वे सभी समूहों से मिलें और उनके मुद्दों को समझें। इसके तहत चर्च के नेताओं के साथ भी उन्होंने विस्तृत चर्चा की। धार्मिक नेताओं से मुलाकात को लेकर आईएएनएस से बात करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, "सिर्फ धार्मिक नेताओं से ही नहीं, मैं सभी से मिला। मैं सभी समाजसेवियों और अन्य लोगों से भी मिला। मैंने अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की, जिनमें चर्च के नेता भी शामिल थे। सबसे मिलना मेरा कर्तव्य है, इसलिए मैंने चर्च के नेताओं के साथ भी बहुत अच्छी चर्चा की।" एफसीआरए के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ताओं के बारे में पूछे जाने पर किरेन रिजिजू ने कहा, "उन्होंने यह मुद्दा उठाया है और मैंने उनसे कहा है कि वे किसी भी बात की चिंता न करें, क्योंकि हमारी सरकार सबके लिए काम कर रही है। इसलिए, अगर कोई गलतफहमी है, तो हम उन मुद्दों को सुलझाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे किसी भी धार्मिक समूह या किसी भी सामाजिक संगठन को नुकसान पहुंचे। हम सबके लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि वे हर किसी के, हर भारतीय के कल्याण के लिए हैं।
आगामी केरल विधानसभा चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा, "केरल के लोग इस बार बहुत सकारात्मक हैं। मैं एक भाजपा नेता के रूप में अपनी पार्टी और उम्मीदवारों का समर्थन कर रहा हूं और लोगों को 'विकसित केरल' और 'विकसित भारत' की दिशा में प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से अवगत करा रहा हूं।"
वहीं, किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया, जिसमें लिखा, "अब एलडीएफ और यूडीएफ की अक्षमता, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कुशासन से आगे बढ़ने का समय आ गया है। 'विकसित केरल' और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केरल प्रगति की राह पर अग्रसर है।"