नवांशहर (मनोरंजन कलिया) : डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह के निर्देशों पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार शर्मा की अगुवाई में पराली को न जलाने के लिए जिले में चल रही जागरूकता मुहिम के तहत आज नजदीकी गांव करियाम में ब्लॉक स्तरीय किसान प्रशिक्षण कैंप के दौरान किसानों को जागरूक किया गया।
कृषि और किसान कल्याण विभाग, ब्लॉक नवांशहर द्वारा लगाये कैंप में कृषि विकास अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने पराली की देखभाल के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में पराली प्रबंधन के उपकरण प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने पराली को जमीन में मिलाने के फायदों और धुएं से होने वाली समस्याओं के बारे में किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि एक टन पराली जलाने से जमीन के आवश्यक तत्व जैसे कि नाइट्रोजन 5.5 किलो, फॉस्फोरस 2.3 किलो, पोटाशियम 2.5 किलो और सल्फर 1.2 किलो की मात्रा नष्ट हो जाती है।
इस दौरान कृषि विकास अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने धान की प्रचलित बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि धान के बौने रोग से बचाव के लिए टिड्डों को नियंत्रित करना चाहिए। इसके लिए उपयोग में आने वाले कीटनाशकों और छिड़काव के दौरान ध्यान रखने वाली बातों के बारे में जानकारी दी। इंज. चंदन शर्मा ने पराली प्रबंधन के लिए विभाग द्वारा दी जाने वाली मशीनरी पर सब्सिडी के बारे में विस्तार से किसानों को जानकारी दी। सरबजीत सिंह, कृषि उप-निरीक्षक, ने पी.एम. किसान योजना में किसानों को आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभाग द्वारा सब्सिडी पर दिए जाने वाले गेहूं के बीजों के बारे में भी किसानों को बताया। इस अवसर पर हरमेश कुमार ए.टी.एम., तरविंदर सिंह, सचिव कोऑपरेटिव सोसाइटी करियाम, संदीप सिंह भंगल कलां, अध्यक्ष कोऑपरेटिव सोसाइटी, और किसानों में जसवीर सिंह, बलकार सिंह, जोगा सिंह, सुरिंदर सिंह, परविंदर सिंह, हरदीप सिंह अटवाल, अरविंदर सिंह, अमरीक सिंह, बलविंदर सिंह, बलविंदर सिंह ढडवाल आदि मौजूद थे। इस कैंप में 100 से अधिक किसानों ने भाग लेकर कैंप का लाभ उठाया।