Monday, October 05, 2026
BREAKING
• जनता दर्शन : सीएम योगी ने कहा- उचित समस्या को लेकर दूसरी बार फरियादी आए तो जवाबदेही तय • पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच हैदराबाद हाउस में अहम बैठक • पिछले एक दशक में कला की जगह धीरे-धीरे मनोरंजन लेता जा रहा है : रब्बी शेरगिल • भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने आमिर जांगू को किया टीम में शामिल • अगले चरण के जीएसटी सुधार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन को मिलेगा सपोर्ट : वित्त मंत्री सीतारमण • दिल्ली के रंजीत नगर में एसआईआर को लेकर विशेष कैंप, बीएलओ और अधिकारी कर रहे लोगों की समस्याओं का समाधान • राष्ट्रपति भवन में स्विस राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत, भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को मिलेगा नया आयाम • स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया • मोकामा में गंगा पर नया डबल लाइन रेल पुल परिचालन के लिए तैयार, उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत • एआई भारत जैसे उभरते देशों के किसानों को सशक्त बनाने का बन सकता है प्रभावी माध्यम : विश्व बैंक प्रमुख

बाज़ार

ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, आईएमएफ प्रमुख की चेतावनी

13 अप्रैल, 2026 04:13 PM

वाशिंगटन : आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की प्रमुख ने कहा कि ईरान युद्ध ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। इसकी वजह से ऊर्जा की सप्लाई बाधित हो गई है और पूरी दुनिया में कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर आने वाले साल तक महसूस होता रहेगा।

आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सीबीएस न्‍यूज के एक इंटरव्यू में कहा कि इस रुकावट का पैमाना और अवध‍ि ही इसके दीर्घकालिक परिणामों को निर्धारित करेगी। उन्होंने आगाह किया कि इसके प्रभाव पहले से ही व्यापक हैं।
उन्होंने कहा, “मैं आपको यह बता सकती हूं कि यह झटका बहुत बड़ा है। दुनिया का लगभग 13 प्रत‍िशत तेल और 20 प्रत‍िशत गैस, जो सामान्य रूप से सप्लाई होती, वह अब पिछले पांच हफ्तों से अटकी हुई है, जिससे सप्लाई की गंभीर स्थिति समझ आती है।''
उन्होंने कहा कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन हर देश पर अलग तरह से। हर कोई ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। हर कोई बढ़ती कीमतों का असर महसूस कर रहा है और यह अलग-अलग देशों पर अलग तरीके से असर डालता है।


ऊर्जा पर निर्भर देश और संघर्ष के पास वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि कम आय वाले देशों पर इसका दबाव और भी ज्यादा है क्योंकि उनके पास संसाधन सीमित हैं।
जॉर्जीवा ने बताया कि इसका असर अब कई क्षेत्रों में दिखने लगा है जैसे ईंधन की कमी, खाद की सप्लाई में दिक्कत, ट्रांसपोर्ट और विदेश से आने वाले पैसों पर भी।
उन्होंने कहा क‍ि लोग परेशान हैं, और कई जगहों पर सामान की भारी कमी हो रही है। जरूरी चीजें ही उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एशिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की राशनिंग और सप्लाई की कमी से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। साथ ही चेतावनी दी कि खाद की कीमतें बढ़ने से दुनिया भर में खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।


आईएमएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि भले ही संघर्ष रुक जाए, फिर भी इसका असर तुरंत खत्म नहीं होगा। यह असर पहले ही सिस्टम में बैठ चुका है। देरी से हुई सप्लाई और बुनियादी ढांचे को नुकसान लंबे समय तक असर डालता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जरूरी ऊर्जा उत्पादन सुविधाओं को पूरी तरह ठीक होने में तीन से पांच साल तक लग सकते हैं।
उन्होंने अमेरिका के बारे में बात करते हुए कहा कि वहां असर बाकी दुनिया के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन बढ़ती कीमतें महंगाई को कंट्रोल करने की कोशिशों को मुश्किल बना सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आईएमएफ को उम्मीद थी कि 2026 में वैश्विक विकास बेहतर होगा, लेकिन अब इस युद्ध की वजह से यह अनुमान कम हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संघर्ष कितने समय तक चलता है और उत्पादन कितनी जल्दी ठीक होता है।

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर 7 अक्टूबर को होगा ऐलान

आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर 7 अक्टूबर को होगा ऐलान

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी

सितंबर में एफपीआई ने निकाले 45,536 करोड़ रुपए, बड़ी कंपनियों के शेयरों के वैल्यूएशन हुए आकर्षक

सितंबर में एफपीआई ने निकाले 45,536 करोड़ रुपए, बड़ी कंपनियों के शेयरों के वैल्यूएशन हुए आकर्षक

मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा

मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा

आरबीआई की एमपीसी बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार

आरबीआई की एमपीसी बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट