भारत और कंबोडिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में कंबोडिया की राजधानी फ्नोम पेन्ह में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय मुलाकात हुई। यह बैठक आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता के दौरान आयोजित की गई।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक
वार्ता के इतर मेजर जनरल आकाश जौहर, अतिरिक्त महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय सहयोग), ने रॉयल कंबोडियन आर्मी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल माओ सोफान से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सैन्य संबंधों को और व्यापक तथा प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण सहयोग पर जोर
दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ाने, प्रशिक्षण सहयोग का दायरा विस्तारित करने और रक्षा क्षेत्र में तालमेल मजबूत करने पर सहमति जताई। सैन्य क्षमता निर्माण, पेशेवर सैन्य शिक्षा और अनुभवों के आदान-प्रदान को सहयोग का प्रमुख आधार माना गया।
रक्षा साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने की पहल
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारत मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को औपचारिक वार्ताओं से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक क्रियान्वयन तक ले जाने पर जोर दे रहा है। कंबोडिया ने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण मानकों की सराहना की और अधिक सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भारत भेजने की इच्छा जताई।
क्षेत्रीय शांति और रणनीतिक संतुलन पर फोकस
दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रक्षा संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई। बढ़ता सैन्य सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन और सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सैन्य संवाद, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम दोनों देशों की सेनाओं को आधुनिक चुनौतियों से निपटने में अधिक सक्षम बनाएंगे। फ्नोम पेन्ह में हुई यह बैठक भारत-कंबोडिया रक्षा संबंधों में सकारात्मक और दूरगामी संकेत के रूप में देखी जा रही है।