फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार को भारत पहुंचे। उनका उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। मुंबई हवाई अड्डे पर उनका स्वागत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र तथा गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता मिलकर इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 भी लॉन्च करेंगे।विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और गति देगी।
भारत रवाना होने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने ‘एक्स’ पर लिखा था कि वह मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन के दौरे पर आ रहे हैं, ताकि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके साथ व्यापार, उद्योग, संस्कृति और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भी भारत आ रहे हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा, “साथ मिलकर, हम अपने सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे। कल मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी।”
राष्ट्रपति मैक्रों भारत सरकार के निमंत्रण पर ‘एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन’ में भाग लेने आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान, मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल होंगे। मंगलवार को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेता भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति 17 से 19 फरवरी तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर रहेंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा और मुंबई में उनका पहला ऑफिशियल कार्यक्रम है। मंगलवार को दोपहर करीब 3:15 बजे, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों मुंबई के लोकभवन में द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री ऑफिस के मुताबिक, बातचीत में भारत-फ्रांस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति का पूरा रिव्यू शामिल होगा। बाद में शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से भारत-फ्रांस ईयर ऑफ़ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर दोनों देशों के उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और नवाचार से जुड़े लोग भी उपस्थित रहेंगे।