Tuesday, March 24, 2026
BREAKING
ईरान युद्ध पर घिरे ट्रंप, यूएस डेमोक्रेट्स ने उठाए सवाल, कहा- इस युद्ध का कोई स्पष्ट लक्ष्य या रणनीति नहीं असम राइफल्स के डीजी ने भारत-म्यांमार सीमा और कश्मीर घाटी में चौकसी बढ़ाने का किया आह्वान कतर एयरवेज की 25 उड़ानों से 7,750 भारतीयों की हुई वतन वापसी, दूतावास ने जारी की सुरक्षा सलाह लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं? मेरा जवाब है, हम भारत के साथ हैं : पीएम मोदी मध्य पूर्व में हिंसा की बड़ी कीमत चुका रहे बच्चे, संघर्ष में अब तक 2100 से ज्यादा हताहत : संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल संकेतों का असर, भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी वर्क प्रेशर और बढ़ते स्क्रीन टाइम से हैं परेशान? महामुद्रा के अभ्यास से शरीर को करें रिचार्ज गर्भावस्था में कमजोरी, चक्कर और थकान? हो सकता है एनीमिया, जानें क्या करें क्या सभी के लिए अंकुरित आहार का सेवन है लाभकारी? जान लें ये जरूरी बात एनसीआर में एक बार फिर बदलेगा मौसम, 26 मार्च को गरज के साथ बारिश का अलर्ट

बाज़ार

अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद रूस से तेल आयात पर ब्रेक लगाएगा भारत, कंपनियों में मचा हड़कंप

24 अक्टूबर, 2025 07:31 PM

अमेरिका द्वारा रूस की शीर्ष तेल कंपनियों Rosneft और Lukoil पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद भारतीय रिफाइनर अब रूस से तेल आयात में बड़ी कटौती करने की तैयारी कर रहे हैं और विकल्प तलाश रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि इन प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया गया तो यह वैश्विक तेल बाजार को हिला सकता है, क्योंकि रूस के 3.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन (mbd) तेल निर्यात का लगभग एक-तिहाई भारत को जाता है। यह आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय कीमतें आसमान छू सकती हैं और भारत, चीन, तुर्की जैसे देशों को नए स्रोतों की तलाश करनी पड़ेगी।


अमेरिकी प्रतिबंधों से बढ़ी दिक्कतें
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने बुधवार को इन प्रतिबंधों की घोषणा की, जो मॉस्को पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन युद्ध में शांति समझौते की दिशा में रूस को मजबूर करने की रणनीति का हिस्सा है।

प्रतिबंधों के तहत, Rosneft की दो संयुक्त परियोजनाएं — Vankorneft और Taas-Yuryakh भी शामिल हैं, जिनमें भारतीय कंपनियों — ONGC, Oil India, BPCL और Indian Oil — की क्रमशः 49.9% और 29.9% हिस्सेदारी है। इन भारतीय कंपनियों के 1 अरब डॉलर से अधिक लाभांश (डिविडेंड) रूस में फंसे हुए हैं, जिन्हें वे प्रतिबंधों के कारण भारत वापस नहीं ला पा रहे हैं।


रिफाइनरी अधिकारियों ने कहा- अब विकल्प तलाशने होंगे
प्रतिबंधों के मुताबिक, कंपनियों को 21 नवंबर तक सभी भुगतान और तेल की डिलीवरी पूरी करनी होगी।
इसका मतलब है कि भारत अब Rosneft और Lukoil से नई खेप नहीं ले सकेगा, क्योंकि रूसी तेल भारत पहुंचने में आमतौर पर एक महीना लगता है। इससे नवंबर और दिसंबर की खेप रद्द करनी पड़ सकती है और भारत को करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन के वैकल्पिक स्रोत तलाशने होंगे। सरकारी रिफाइनर अब पश्चिम एशिया, अमेरिका, और ब्राज़ील से अतिरिक्त सप्लाई की संभावना देख रहे हैं।


निजी कंपनियों के लिए बड़ा झटका
हालांकि सरकारी कंपनियों पर असर सीमित रहेगा, लेकिन Reliance Industries और Nayara Energy को भारी झटका लग सकता है।


Reliance अपने लगभग 50% कच्चे तेल की जरूरत रूस से पूरी करती है।
Nayara Energy लगभग पूरी तरह रूस पर निर्भर है।
भुगतान सबसे बड़ी समस्या है। बैंक अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ऐसे लेन-देन करने से बचेंगे।

 

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

ग्लोबल संकेतों का असर, भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी

ग्लोबल संकेतों का असर, भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी

रुपए में लौटी तेजी, डॉलर के मुकाबले मजबूत खुला

रुपए में लौटी तेजी, डॉलर के मुकाबले मजबूत खुला

Gold Price 24 Carat: आज फिर सस्ता हुआ सोना-चांदी, कीमतों में भारी गिरावट, देखें 10 gram Gold का नया रेट

Gold Price 24 Carat: आज फिर सस्ता हुआ सोना-चांदी, कीमतों में भारी गिरावट, देखें 10 gram Gold का नया रेट

Petrol/Diesel Price Today: 24 मार्च पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें प्रमुख शहरों में क्या है कीमत

Petrol/Diesel Price Today: 24 मार्च पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें प्रमुख शहरों में क्या है कीमत

Gold Silver Prices : एक हफ्ते में चांदी ₹32,700 सस्ती... सोने में भी आई बड़ी गिरावट, क्या अभी और सस्ते होंगे दोनो धातु?

Gold Silver Prices : एक हफ्ते में चांदी ₹32,700 सस्ती... सोने में भी आई बड़ी गिरावट, क्या अभी और सस्ते होंगे दोनो धातु?

भारत ने लगातार दूसरे साल एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया

भारत ने लगातार दूसरे साल एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया

Impact of Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, 4 हफ्तों से गिर रहा US बाजार, डूब गए $3 ट्रिलियन

Impact of Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, 4 हफ्तों से गिर रहा US बाजार, डूब गए $3 ट्रिलियन

Sone-Chandi ka Bhav: एक हफ्ते में ₹12,700 से ज्यादा टूटा सोने का भाव, चांदी में ₹29645 की गिरावट

Sone-Chandi ka Bhav: एक हफ्ते में ₹12,700 से ज्यादा टूटा सोने का भाव, चांदी में ₹29645 की गिरावट

Share Market Closed: 26 और 31 मार्च को शेयर बाजार रहेगा बंद, BSE-NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग, जानें क्यों?

Share Market Closed: 26 और 31 मार्च को शेयर बाजार रहेगा बंद, BSE-NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग, जानें क्यों?

60% फ्री सीट पर बवाल, Air India, Indigo, SpiceJet की चेतावनी— महंगा होगा हवाई किराया

60% फ्री सीट पर बवाल, Air India, Indigo, SpiceJet की चेतावनी— महंगा होगा हवाई किराया