अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें उन्हें कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ा जा रहा था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक लंबी पोस्ट लिखकर न केवल खुद का बचाव किया बल्कि विपक्षी डेमोक्रेट्स और उनके चंदा देने वालों (Donors) पर ही पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई थी, मेरे जेफ्री एपस्टीन के साथ कोई संबंध नहीं।
साजिश का लगाया आरोप
ट्रंप का दावा है कि न्याय विभाग (Department of Justice) से मिली नई जानकारी यह साबित करती है कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई थी। ट्रंप ने प्रसिद्ध लेखक माइकल वोल्फ और एपस्टीन के बीच गठजोड़ का आरोप लगाया है। ट्रंप के अनुसार इन दोनों ने मिलकर उनकी राष्ट्रपति छवि और कार्यकाल को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। ट्रंप ने माइकल वोल्फ को "स्लीजबैग" (घटिया इंसान) और झूठा करार देते हुए कहा कि एपस्टीन के साथ उनकी कभी कोई दोस्ती नहीं थी।
प्राइवेट आइलैंड विवाद पर सफाई
एपस्टीन के निजी द्वीप (Private Island) को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जाते रहे हैं कि वहां कई रसूखदार हस्तियां जाती थीं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह कभी भी एपस्टीन के उस निजी द्वीप पर नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि असल में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और उनके डोनर्स वहां जाते थे जबकि उंगली उन पर उठाई जा रही है।
क्या है एपस्टीन मामला?
जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी अरबपति था जिसे नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के आरोप में सजा सुनाई गई थी। 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी। इस केस में दुनिया भर के कई बड़े राजनेताओं और हस्तियों के नाम उछलते रहे हैं। ट्रंप का हालिया बयान इसी पुराने विवाद पर अपनी स्थिति साफ करने की एक कोशिश है।