अमृतसर/चंडीगढ़ : पंजाब में बाढ़ से मची भीषण तबाही के बीच श्री अकाल तख्त साहिब से एक बड़ा और कड़ा संदेश सामने आया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाबियों से इस मुश्किल घड़ी में एकजुट होने की अपील करने के साथ-साथ बार-बार आ रही बाढ़ के पीछे की असली वजहों की जांच की भी मांग उठाई है।
उन्होंने सवाल किया है कि आखिर नदियों का पानी बार-बार मैदानी इलाकों में क्यों घुस रहा है और इसकी सच्चाई जनता के सामने आनी ही चाहिए।
"कोई पंजाबी भूखा न सोए, हर पीड़ित को मिले छत"
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने अपने संदेश में कहा कि बाढ़ ने घरों, फसलों और पशुओं का भारी नुकसान किया है, जिससे लोग गंभीर संकट में हैं। उन्होंने पंजाब के गौरवशाली इतिहास को याद दिलाते हुए कहा, "पंजाब हमेशा मुश्किलों में प्रेम और भाईचारे से एक-दूसरे की मदद करता आया है।
आज भी ज़रूरत है कि कोई पंजाबी भूखा न रहे, किसी के पशु चारे के बिना न रहें और हर पीड़ित परिवार को छत और सहारा मिले।" उन्होंने सभी धार्मिक और सामाजिक जत्ਥੇबंदीयों से मानवता के नाम पर डटकर सेवा करने की अपील की।
2023 से भी बदतर हालात, जत्थेदार ने उठाए गंभीर सवाल
जत्थेदार ने सिर्फ दो साल के भीतर बाढ़ की वापसी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "2023 में भी पंजाब ने बाढ़ की बड़ी मार सही थी और अब 2025 में यह और भी भयानक रूप में सामने आई है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि इस तबाही के पीछे असली कारण क्या हैं, ताकि भविष्य में पंजाब को ऐसे बड़े संकटों से बचाया जा सके और लोग सचेत रहें।
कुदरत का करें सम्मान, मुश्किल घड़ी से निकल जाएंगे बाहर
गुरु साहिबान की शिक्षाओं का हवाला देते हुए जत्थेदार ने कहा कि कुदरत के साथ तालमेल बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "गुरु साहिब ने हमें प्रकृति का आदर करना सिखाया है।" उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी प्रेम, भाईचारे और गुरु की कृपा से पंजाब जल्द ही इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकल आएगा। उन्होंने यह भी चेताया कि पानी उतरने के बाद मुश्किलें और बढ़ेंगी, इसलिए उस समय भी एकजुटता बनाए रखने की ज़रूरत होगी।