चंडीगढ़ ;पंजाब दिवस (Punjab Day) पर केंद्र सरकार द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University - PU) की 59 साल पुरानी सीनेट (Senate) और सिंडिकेट (Syndicate) को भंग करने के फैसले पर अब राजनीतिक भूचाल आ गया है। शिरोमणि अकाली दल के बाद, अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
'आप' के मुख्य प्रवक्ता और सांसद मालविंदर सिंह कंग (Malvinder Singh Kang) ने इस फैसले को "असंवैधानिक" और "पंजाब के खिलाफ साजिश" करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
"पंजाब सरकार से बिना पूछे कैसे बदला ढांचा?"
मालविंदर कंग ने आज (शनिवार) को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी कर केंद्र के इस कदम को "असंवैधानिक अतिक्रमण" (unconstitutional overreach) बताया।
1. एकतरफा फैसला: उन्होंने कहा कि बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का सिर्फ एक अधिसूचना (mere notification) के जरिए 59 साल पुराने सीनेट और सिंडिकेट को एकतरफा (unilateral) भंग कर देना चौंकाने वाला है।
2. पंजाब से सलाह क्यों नहीं?: कंग ने सवाल उठाया, "केंद्र सरकार, पंजाब सरकार से परामर्श (consulting) किए बिना यूनिवर्सिटी के लोकतांत्रिक ढांचे (democratic set-up) को कैसे बदल सकती है? जबकि मौजूदा सीनेट संरचना को पंजाब विधानसभा (Punjab Vidhan Sabha) द्वारा 'पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट 1947' के तहत विधिवत रूप से अनुमोदित (endorsed) किया गया था।"
"यह सुधार नहीं, विध्वंस है" - कंग का आरोप
सांसद कंग ने कहा कि यह बेशर्म कृत्य (brazen act) "सुधार (reform) नहीं है, यह विध्वंस (subversion) है।"
1. संघवाद पर हमला: उन्होंने कहा कि केंद्र का यह कदम "संघवाद (federalism), शैक्षणिक स्वतंत्रता (academic freedom) और सहकारी शासन (cooperative governance)" की भावना पर "सीधा हमला" (affront) है।
"PU पंजाब की विरासत, BJP की साजिश"
'आप' नेता ने इसे पंजाब की संस्थाओं को छीनने की साजिश बताया।
1. भावनात्मक विरासत: उन्होंने कहा, "पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब की बौद्धिक और भावनात्मक विरासत (intellectual and emotional heritage) है, न कि केंद्रीकृत नियंत्रण (centralised control) के लिए कोई 'राजनीतिक खेल का मैदान' (political playground)।"
2. बीजेपी की मंशा: कंग ने आरोप लगाया कि यह कदम "पंजाब की संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से छीनने (systematically snatch) और उसके संवैधानिक अधिकारों (constitutional rights) को खत्म करने" की "भाजपा की छिपी हुई मंशा (BJP’s ulterior design)" को उजागर करता है।
"लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे विरोध"
अंत में, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे "अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक" कदमों का "हर संभव लोकतांत्रिक तरीके (every democratic means possible)" से विरोध (resisted) किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पंजाब की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और न ही चुप कराया जाएगा।"