सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। यह सत्र हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के कुछ ही दिनों बाद हो रहा है, जिसका असर सदन की कार्यवाही पर साफ दिखाई दे सकता है।
सत्र शुरू होने से ठीक पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित किया और विपक्ष पर सीधा निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के कुछ दल अभी भी पराजय की निराशा से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को संदेश दिया कि वे हार को भुलाकर 'सही और रचनात्मक मुद्दे' उठाएं ताकि यह सत्र देश में 'ऊर्जा भरने का काम' कर सके। पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि संसद ड्रामे का केंद्र नहीं है और ड्रामा करने के लिए संसद के बाहर कई जगहें हैं। उनका इशारा उन विपक्षी दलों की ओर था, जो बिहार चुनाव में हार के बाद भी सदन में हंगामा करने की तैयारी में हैं।
ओम बिरला ने साझा किया महत्वपूर्ण पोस्ट
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने सभी माननीय सदस्यों से सत्र में रचनात्मक और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। स्पीकर बिरला ने संसद का महत्व बताते हुए कहा, "संसद राष्ट्र की अपेक्षाओं, जन आकांक्षाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद का हर सत्र हमें कर्तव्य-निष्ठा, संयम और लोककल्याण की ओर प्रेरित करता है, जो कि जनप्रतिनिधित्व की भावना को और मजबूत बनाता है।स्पीकर ने अपनी पोस्ट के अंत में आशा व्यक्त की कि सभी सांसद लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं को मजबूत करेंगे और अपनी सक्रिय भागीदारी से इस सत्र को उत्पादक बनाने में सार्थक योगदान देंगे। यह अपील ऐसे समय में आई है जब शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की आशंका है।
पीएम मोदी ने पहली बार चुने गए सांसदों के लिए मांगा मौका
अपने संबोधन में पीएम ने ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि पहली बार चुनकर आए युवा सांसदों को सदन में अधिक बोलने का मौका मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इन नए सदस्यों के अनुभवों का लाभ देश को मिलना चाहिए और संसद की कार्यवाही में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं।