केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए परीक्षा के सुचारु, सुरक्षित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातकोत्तर) 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित एजेंसियों को अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा।
NBEMS और तकनीकी साझेदारों की तैयारियों का जायजा
समीक्षा बैठक के दौरान नड्डा ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS), तकनीकी साझेदारों और परीक्षा आयोजन से जुड़े अन्य हितधारकों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं, सुरक्षा तंत्र और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीकी उपाय लागू किए गए हैं। उन्होंने परीक्षा से जुड़े सभी पहलुओं में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एजेंसियां समन्वय के साथ करें काम
नड्डा ने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप देने और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी तैयारी रखने पर जोर दिया।
अभ्यर्थियों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने NEET-PG 2026 के अभ्यर्थियों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं के झांसे में नहीं आना चाहिए।
बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
नड्डा ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत और बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी उपायों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी और सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष की परीक्षा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से कई तकनीक आधारित सुधार और सुविधाएं लागू की गई हैं। इन उपायों का लक्ष्य देशभर के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।