नवांशहर (चरनदीप सिंह रतन) : पंजाब की कांग्रेस और अकाली दल-BJP सरकारों के MLA हर साल अपनी सैलरी और पेंशन बढ़वाने के लिए सौतेली माँ जैसा बर्ताव कर रहे हैं। लेकिन नगर परिषद और नगर समितियों के पार्षद उन पार्षदों के साथ सौतेली माँ जैसा बर्ताव क्यों कर रहे हैं, जिन्होंने उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई थी? ये शब्द शहीद भगत नगर, नवांशहर के चार बार चुने गए सीनियर पार्षद चेत राम रतन ने कहे। उन्होंने कहा कि पार्षदों को पेंशन और बीमारी और एक्सीडेंट होने पर कोई मेडिकल सुविधा नहीं मिल रही है। पार्षद पृथ्वी चंद बीमारी के कारण एक पैर कटने से अपाहिज हो गए। मौजूदा और पुराने MLA और सांसदों ने उन्हें कोई फाइनेंशियल मदद नहीं दी। पिछली सरकारों ने कभी पार्षदों के हक के बारे में नहीं सोचा, बल्कि उन्हें इग्नोर किया जा रहा है। सभी पार्षदों के हक के लिए मुखर रहने वाले सीनियर पार्षद रतन पंजाब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मांग की कि कांग्रेस, अकाली और BJP सरकारों ने इन मांगों को लेकर झूठा मूड बना रखा है। पार्षदों की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने विधानसभा में पेंशन स्कीम, फ्री मेडिकल सुविधा और दो-तीन बार चुने गए पार्षदों के लिए मानदेय बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पास करने की मांग की। उन्होंने विधायकों और मंत्रियों से इस पर सहमति जताने की अपील की।
उन्होंने पंजाब के सभी पार्षदों से अपील की कि वे अपने हक, मानदेय, पेंशन के लिए विधायकों और मंत्रियों को मांग पत्र दें। इस मांग का परम सिंह खालसा, मक्खन सिंह ग्रेवाल, ललित मोहन पाठक, कमलजीत लाल, पृथ्वी चंद, बलविंदर कौर, जिंदरजीत कौर, गुरमख सिंह नॉर्थ, जसप्रीत कौर बख्शी और दूसरे पार्षदों ने समर्थन किया।