अगर आपके पोर्टफोलियो में एविएशन सेक्टर के शेयर हैं, खासकर इंडिगो के, तो पिछले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहे होंगे। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। हजारों उड़ानों के रद्द होने और शेड्यूल में गड़बड़ी ने न केवल यात्रियों को परेशान किया है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी हिला दिया है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार में दिख रहा है।
शेयर में 'क्रैश लैंडिंग': 4 दिनों में 7% से ज्यादा गिरावट
पिछले चार कारोबारी सत्रों में शेयर 7% से अधिक टूट चुका है।
शुक्रवार को बीएसई पर इंडिगो का शेयर 1.22% गिरकर ₹5,371.30 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान शेयर 3.15% फिसलकर ₹5,266 तक पहुंच गया था।
एनएसई पर भी शेयर 1.27% गिरकर ₹5,367.50 पर बंद हुआ।
मार्केट विशेषज्ञों की मानें तो अचानक आई परिचालन अव्यवस्था ने बड़े और छोटे दोनों तरह के निवेशकों को चिंतित कर दिया है।
मार्केट कैप में ₹16,000 करोड़ से ज्यादा की कमी
शेयर की कीमतों में आई इस लगातार गिरावट ने कंपनी के मार्केट कैप को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। 1 दिसंबर से अब तक इंडिगो का बाजार पूंजीकरण करीब ₹16,190 करोड़ घट गया है। कंपनी का कुल मार्केट कैप अब ₹2,07,649 करोड़ पर आ गया है।
एविएशन सेक्टर पूरी तरह समयबद्धता और भरोसे पर चलता है। एक ही दिन में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने जैसी घटनाएं सीधे कंपनी की साख पर असर डालती हैं और यही घबराहट निवेशकों में भी देखने को मिल रही है।
क्या लौट आएगा निवेशकों का भरोसा?
बाजार की नर्वसनेस को कम करने के लिए कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने कदम उठाना शुरू कर दिया है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने वीडियो संदेश जारी कर यात्रियों से माफी मांगी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि ‘सिस्टम रिसेट’ प्रक्रिया के बाद 10–15 दिसंबर के बीच हालात सामान्य हो जाएंगे। हालांकि, निवेशकों की चिंता तभी कम होगी जब उड़ान संचालन पूरी तरह पटरी पर लौटेगा और शेड्यूल स्थिर होगा।