चंडीगढ़ : अवसंरचना विकास निगम (एच. आर. आई.डी. सी.) हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेल कनैक्टिविटी को नई दिशा देने जा रहा है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक और प्रस्तावित इस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर समेत एच. आर. आई.डी.सी. की तमाम परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और हरियाणा को देश के प्रमुख अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
हरियाणा के मुख्य सचिव एवं एच. आर. आई.डी. सी. के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को यहां हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा ऑविंटल रेल कॉरिडोर (एब.जी.आर.सी.) परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रेल कनैक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही हरियाणा एन. सी. आर. क्षेत्र में नए टाऊनशिप के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना माल ढुलाई को तेज करने, परिवहन समय कम करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए परियोजना की 7,070 मीटर लंबी टनल में से 4,349 मीटर यानी लगभग 61 प्रतिशत खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। कुरुक्षेत्र एलिवेटिड ट्रैक परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और अप्रैल 2026 में इसके चालू होने की संभावना है। बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से, सोनीपत से पलवल तक प्रस्तावित इस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ई.ओ.आर.सी.) परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।