E20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मौजूदगी को लेकर हाल में सामने आई मीडिया रिपोर्टों के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पूरे ईंधन आपूर्ति नेटवर्क में अतिरिक्त और गहन जांच की है। कंपनियों के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से किए गए देशव्यापी रैंडम परीक्षणों में ईंधन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई है। जांच में पेट्रोल में 500 पीपीएम तक क्लोराइड या व्यापक स्तर पर नमी मौजूद होने के दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
ईंधन गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता
OMCs ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि ईंधन की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनियों के अनुसार, वाहन के प्रदर्शन या उपभोक्ता विश्वास को प्रभावित करने वाली किसी भी संभावित समस्या की वैज्ञानिक जांच कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
आपूर्ति श्रृंखला के हर स्तर पर क्लोराइड की निगरानी
भारत सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल के लिए क्लोराइड की कड़ी सीमा निर्धारित की है। इसके अनुपालन की निगरानी रिफाइनरियों, डिस्टिलरी, डिपो/टर्मिनल और रिटेल आउटलेट सहित आपूर्ति श्रृंखला के कई स्तरों पर की जा रही है। OMCs के अनुसार, इन जांचों में ईंधन की गुणवत्ता लगातार निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है।
रिफाइनरी से मिले पेट्रोल में क्लोराइड एक पीपीएम से कम
विभिन्न रिफाइनरियों से यादृच्छिक रूप से लिए गए 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूनों की जांच की गई। सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा एक पीपीएम या उससे कम पाई गई। OMCs ने कहा कि यह भारत की रिफाइनिंग और डिस्पैच प्रक्रिया में मौजूद गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
80 डिस्टिलरी के एथेनॉल नमूनों की जांच
OMCs और CHT के सदस्यों वाली एक विशेष टास्क फोर्स ने पिछले 10 दिनों में देशभर की 80 डिस्टिलरी से एथेनॉल के नमूनों की जांच की। कंपनियों के अनुसार, सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा तीन पीपीएम से कम पाई गई। एथेनॉल पेट्रोल में मिश्रण का प्रमुख घटक है और उत्पादन स्तर पर इसकी गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है।
डिपो और टर्मिनल के नमूनों में भी मानक कायम
OMCs के डिपो और टर्मिनलों से एथेनॉल और E20 के 80 से अधिक नमूने लिए गए। कंपनियों के अनुसार, सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा तीन पीपीएम से कम रही। नियमित निगरानी के जरिए भंडारण और वितरण नेटवर्क में ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
1,000 से अधिक रिटेल आउटलेट नमूनों की जांच
गहन निगरानी कार्यक्रम के तहत 1,000 से अधिक नमूनों की जांच की जा रही है। अब तक पिछले कुछ दिनों में 160 परीक्षण रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया, जिनमें क्लोराइड का स्तर शून्य से तीन पीपीएम के बीच पाया गया। OMCs के अनुसार, यह कई सौ पीपीएम क्लोराइड होने के दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है।
चार स्थानों पर अधिक क्लोराइड मिलने पर तत्काल कार्रवाई
निगरानी के दौरान केवल चार अलग-अलग मामलों में क्लोराइड का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया। संबंधित स्थानों पर आपूर्ति तत्काल रोक दी गई। इसके बाद विस्तृत मूल कारण विश्लेषण किया गया और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए गए। उचित कार्रवाई के बाद ही इन स्थानों पर आपूर्ति बहाल की गई।
90 हजार रिटेल आउटलेट पर पानी की जांच
देशभर के करीब 90,000 रिटेल आउटलेट पर भूमिगत भंडारण टैंकों की अनिवार्य जांच और निगरानी शुरू की गई है। इन टैंकों का दिन में 8 से 12 बार निरीक्षण किया जा रहा है। OMCs के अनुसार, अब तक किसी भी रिटेल आउटलेट पर भूमिगत टैंक में पानी के प्रवेश का मामला सामने नहीं आया है।
मोबाइल प्रयोगशालाओं से भी बढ़ाई निगरानी
मौजूदा गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था के अलावा OMCs ने निगरानी को और मजबूत किया है। प्रत्येक रिटेल आउटलेट पर पानी के प्रवेश और घनत्व की जांच दिन में 8 से 12 बार की जा रही है। अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल ईंधन गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं भी तैनात की गई हैं। परीक्षण परिणामों का स्वतंत्र रूप से ईंधन प्रयोगशालाओं के जरिए सत्यापन किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं से E20 पेट्रोल इस्तेमाल जारी रखने की अपील
OMCs ने कहा कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला में लगातार गुणवत्ता निगरानी की जा रही है और किसी भी विचलन की स्थिति में तत्काल और निर्णायक सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है। कंपनियों ने उपभोक्ताओं से E20 पेट्रोल का इस्तेमाल भरोसे के साथ जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि OMC नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा ईंधन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली लागू है।
CHT की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं जांच के आंकड़े
OMCs के अनुसार, उपरोक्त परीक्षणों का सारणीबद्ध विवरण सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) की आधिकारिक वेबसाइट (www.cht.gov.in) पर उपलब्ध है और नए परीक्षण परिणाम सामने आने के साथ इसे अपडेट किया जाएगा।