बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने की संभावना है। ऐसी खबरें सामने आ रही है कि कांग्रेस (Congress) के सभी छह विधायक जदयू (JDU) में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
सूत्रों में मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के सभी छह विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, आबिदुर रहमान, मोहम्मद कामरुल होदा और मनोज बिस्वान जदयू नेतृत्व के संपर्क में हैं। जदयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कांग्रेस के सभी विधायक अपनी पार्टी के कामकाज से नाखुश हैं और अब कुछ ही दिन बाकी में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार कांग्रेस के विधायक पिछले कुछ समय से पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं।
दरअसल, पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज और 8 जनवरी को 'मनरेगा बचाओ' अभियान की बैठक में भी कांग्रेस के विधायकों शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद से अटकलें और तेज हो गई। दही-चूड़ा भोज बिहार कांग्रेस की एक पुरानी परंपरा मानी जाती है, जिसमें हर साल पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होते हैं। इस बार भी कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, लेकिन विधायकों की सामूहिक गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों में, भाजपा 89 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। जबकि जदयू ने 85 सीटों पर जीत हासिल की थीं। वहीं अगर कांग्रेस के छह विधायक जदयू में शामिल हो जाते हैं, तो जदयू विधायकों की संख्या बढ़कर 91 हो जाएगी, जिसके बाद जदयू सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी।