चंडीगढ़ : बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बी.बी.एम.बी.) द्वारा इस साल की शुरुआत में हरियाणा को अतिरिक्त पानी छोड़ने के मुद्दे पर बहस हुई। इस दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल एम. एस. बेदी ने दलील दी कि बी.बी.एम.बी. को ऐसा फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं है।
गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ 23 अप्रैल, 2025 की बी.बी.एम.बी. बैठक के विवरण को लेकर पंजाब की चुनौती पर सुनवाई कर रही थी। इसमें बी.बी.एम.बी. ने गंभीर पेयजल संकट और नहर मरम्मत कार्य का हवाला देते हुए हरियाणा को 8500 क्यूसेक तक पानी छोड़ने का फैसला दर्ज किया था।