असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से राज्य विकास की ओर बढ़ रहा है। मैन्युफैक्चरिंग और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5,067 करोड़ रुपए की 35 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है, जबकि 26 औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृत किया गया है। सीएम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, विकास में तेजी लाना और खासकर असम के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है, “युवाओं का आर्थिक सशक्तिकरण असम के भविष्य की रक्षा और पलायन को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। औद्योगिक प्रोत्साहन, लक्षित कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में नीतिगत सुधारों, बेहतर कानून व्यवस्था और परियोजनाओं की त्वरित मंजूरी के बाद असम में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। सरकार ने निजी कंपनियों और बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “औद्योगिक विकास नीति असम के विकास की गाथा को मजबूत गति प्रदान कर रही है। सरकार दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए एक मजबूत औद्योगिक नीति बनाएगी। असम सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत औद्योगिक इकाइयां मैन्युफैक्चरिंग, एग्रो प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक से संबंधित हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। स्वीकृत औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों को आकर्षित करने और राज्य में व्यापार करने में सुगमता लाने के लिए तैयार बुनियादी ढांचा, भूमि और कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
राज्य सरकार अपनी विकास रणनीति के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में औद्योगीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो सड़कों, पुलों, बिजली, कौशल विकास और कनेक्टिविटी में चल रहे निवेशों का पूरक है। अधिकारियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से प्रमुख शहरी केंद्रों से परे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर विकास के विकेंद्रीकरण में मदद मिलेगी।