भारतीय महिला टीम ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की आतिशी पारियों के बाद भारतीय स्पिनरों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मंगलवार को खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से हराया।
इस जीत के साथ भारत ने इस संस्करण में अपना पहला एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत पहले ही चार रजत और दो कांस्य पदक जीत चुका था। इसके साथ ही जारी एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या सात हो गई है। भारत के 216/3 के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चामरी अटापट्टू और इमेशा दुलानी अच्छी शुरुआत नहीं कर सकीं। दुलानी शेफाली वर्मा की पहली शिकार बनीं और ऋचा घोष ने उन्हें स्टंप कर तीन रन पर पवेलियन भेज दिया। 2.5 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 18/1 था।
दूसरी ओर, कप्तान चामरी अच्छी लय में नजर आईं और उन्होंने नंदिनी शर्मा तथा क्रांति गौड़ के संबंधित ओवरों में दो-दो चौके लगाए।
हसीनी परेरा शेफाली का दूसरा शिकार बनीं। बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकलने के प्रयास में वह भारती फुलमाली को कैच दे बैठीं। 4.2 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 30/2 था। हसीनी तीन गेंदों का सामना कर बिना खाता खोले आउट हुईं।
छह ओवर के पावरप्ले के अंत में श्रीलंका का स्कोर 41/2 था। चामरी 27 और कविशा दिलहारी 6 रन बनाकर नाबाद थीं।
एशिया कप के फाइनल में श्रीलंकाई कप्तान को आउट करने वाली दीप्ति शर्मा ने जापान में भी अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने चामरी को 21 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 29 रन पर आउट किया और भारती ने एक और कैच लपका। 6.5 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 43/3 था।
स्पिनरों का विकेट लेने का सिलसिला जारी रहा। हर्षिता समरविक्रमा (0) को श्रेयंका पाटिल ने कैच एंड बोल्ड कर दो गेंदों में बिना खाता खोले आउट किया। 7.3 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 44/4 था।
श्री चरणी ने भी विकेट लेने वालों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने हंसिमा करुणारत्ने को चार गेंदों में एक रन के स्कोर पर आउट किया। 8.4 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 49/5 था और भारती फुलमाली ने एक और कैच पकड़ा।
श्रीलंका का पतन जारी रहा और हर विकेट भारत को स्वर्ण पदक के करीब ले जा रहा था। दीप्ति ने कविशा दिलहारी को 13 गेंदों पर 11 रन के स्कोर पर आउट किया। 9.1 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 49/6 हो गया।
श्रीलंका लगातार हर ओवर में एक विकेट गंवाता रहा। 11वें ओवर में चरणी ने काव्या कविंदी को छह गेंदों में दो रन के स्कोर पर आउट किया। 10.2 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 52/7 था।
सुगंधिका कुमारी दीप्ति शर्मा की तीसरी शिकार बनीं। वह 12 गेंदों में तीन रन बनाकर आउट हुईं। 13.1 ओवर में श्रीलंका का स्कोर 63/8 था।
मिथाली अयोध्या के रन आउट ने 15वें ओवर में श्रीलंका का स्कोर 64/9 कर दिया। श्रेयंका पाटिल ने आखिरी विकेट हासिल किया और श्रीलंका की पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
दीप्ति शर्मा (4 ओवर में 3/6) और चरणी (4 ओवर में 2/13) भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहीं। शेफाली (2 ओवर में 2/3) और श्रेयंका (1.4 ओवर में 2/9) ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
इससे पहले, स्मृति मंधाना के 79 रन और ऋचा घोष के आखिरी ओवरों में किए गए आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन की बदौलत हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने एशियाई खेल 2026 के महिला क्रिकेट स्वर्ण पदक मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ 216/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने तेज शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने सुगंधिका कुमारी द्वारा फेंके गए पहले ही ओवर में दो चौके लगाए।
मंधाना ने तीसरे ओवर में भी आक्रामक रुख जारी रखा और कुमारी की गेंदों पर लगातार दो छक्के लगाए, जिससे भारत का स्कोर 25/0 हो गया। अगले ओवर में शेफाली वर्मा और मंधाना ने मिथाली अयोध्या के ओवर में 15 रन बटोरे और भारत का स्कोर 40/0 तक पहुंचाया।
पांचवें ओवर में श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू गेंदबाजी करने आईं। मंधाना और वर्मा ने आक्रामक प्रदर्शन जारी रखते हुए तीन छक्कों समेत 19 रन बटोरे और भारत का स्कोर 59/0 तक पहुंच गया। पावरप्ले के अंत में भारतीय महिला टीम ने अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए 67/0 का स्कोर बनाया।
10वें ओवर की दूसरी गेंद पर मंधाना ने अपना 37वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11,000 रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बनीं। हालांकि, इसी ओवर में बाद में चामुडी प्रभोधा ने शेफाली को आउट कर दिया। शेफाली ने 29 गेंदों में तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से 48 रन बनाए। प्रभोधा ने भारत की 99 रन की महत्वपूर्ण शुरुआती साझेदारी को भी तोड़ा।
13वें ओवर की समाप्ति के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और मंधाना ने भारत का स्कोर 123/1 तक पहुंचाया। हालांकि, 15वें ओवर की चौथी गेंद पर कविशा दिलहारी ने हरमनप्रीत कौर को 17 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 19 रन पर आउट कर दूसरी विकेट के लिए 42 रन की साझेदारी तोड़ दी। भारत का स्कोर 142/2 था।
रनों का सिलसिला जारी रहा और ऋचा घोष तथा स्मृति मंधाना ने मिलकर चामुडी प्रभोधा के 16वें ओवर में 15 रन बटोरे, जिससे भारत का स्कोर 157/2 हो गया।
श्रीलंका को स्मृति मंधाना का महत्वपूर्ण विकेट तब मिला, जब सुगंधिका कुमारी ने 17वें ओवर की पांचवीं गेंद पर भारतीय सलामी बल्लेबाज को 45 गेंदों में पांच चौकों और सात छक्कों की मदद से 79 रन के स्कोर पर आउट किया। उस समय भारत का स्कोर 163/3 था।
हालांकि, अगले ओवर में ऋचा घोष ने आक्रामक रुख जारी रखा और काव्या कविंदी के ओवर में 14 रन बटोरे। मंधाना के पिछले ओवर में आउट होने के बावजूद भारत का स्कोर 182/3 तक पहुंच गया।
20वें ओवर में विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने मिथाली अयोध्या के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बटोरे। इसके साथ भारत ने 216/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो एशियाई खेलों के महिला क्रिकेट में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
ऋचा घोष 22 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका की ओर से चामुडी प्रभोधा, कविशा दिलहारी और सुगंधिका कुमारी ने एक-एक विकेट लिया।
संक्षिप्त स्कोर: भारत: 216/3 (स्मृति मंधाना 79, ऋचा घोष 49, चामुडी प्रभोधा 1/34) ने श्रीलंका: 69/4 15.4 ओवर (चामरी अटापट्टू 29, कौशानी नुथ्यांगना 14, दीप्ति शर्मा 3/6) को हराया।