बैंकिंग क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन आज इसे लगातार कमजोर किया जा रहा है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी पूरे वर्ष मिलकर मेहनत करते हैं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की हमारी मांग पूरी तरह जायज़ है और लंबे समय से लंबित है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बैंकिंग क्षेत्र के सभी सात प्रमुख संगठन इस हड़ताल में एकजुट होकर भाग ले रहे हैं और पूरे देश में हमें व्यापक समर्थन मिल रहा है।
आज बैंकिंग का लगभग 90 प्रतिशत काम डिजिटल माध्यम से हो रहा है, ऐसे में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में कोई तर्कसंगत बाधा नहीं है। कर्मचारियों और अधिकारियों को भी सप्ताह में दो दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलना उनका जायज़ अधिकार है।
हमारी मांग स्पष्ट है—पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो। बैंक कर्मचारियों की जायज़ मांगों को स्वीकार करो।
आज चंडीगढ़ में UFBU के बैनर तले बैंकों की हड़ताल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी PNB जोनल ऑफिस के सामने एकत्रित हुए और सरकार की 5days banking and बैंकिंग नीतियों के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद की।
उनके साथ श्री सुनील मोंगिया, वरिष्ठ प्रबंधक, श्री करण सिंह, श्री कृष्ण चंद, श्रीमती रजनी वालिया एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर बैंक कर्मचारियों के हितों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूती के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।