ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को निर्माण सदन में विभाग के इंजीनियरिंग इन चीफ सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की गई। ठेकेदारों के अप्रैल 2026 से करीब 500 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान को जल्द जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि इन कार्यों के बिल पहले ही पास हो चुके हैं, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने ठेकेदारों को 18 सितंबर तक लंबित बिलों का भुगतान करने का आश्वासन दिया।
ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि यदि 18 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो 21 सितंबर से काम बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों पर उतरकर सड़कें जाम करने की चेतावनी भी दी गई। ठेकेदारों ने डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के दौरान किए जाने वाले कार्यों के भुगतान की भी मांग उठाई। साथ ही इस अवधि में डीसी ऑफिस के प्रतिनिधियों को दी गई इंस्पेक्शन की पावर वापस लेने की मांग रखी।
ठेकेदारों का कहना था कि तकनीकी कार्यों की जांच के लिए विभागीय तकनीकी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, बैठक में ठेकेदारों को एक राहत भी मिली। उनके पहले से चल रहे निर्माण कार्यों की समय सीमा अवधि को 31 मार्च तक और प्राइस वरिअशन क्लाज के अनुरूप एस्केलेशन प्रदान करने की मांग स्वीकार कर ली गई। इससे ठेकेदारों में कुछ संतोष देखने को मिला।
एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन, प्रधान जय भगवान जाखड़ , वरिष्ठ उपप्रधान मनोज चहल और कोषाध्यक्ष गुरवीर सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि ठेकेदार विभाग के साथ काम जारी रखना चाहते हैं, लेकिन लंबे समय से भुगतान अटका होने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब 18 सितंबर तक भुगतान होने का इंतजार किया जाएगा।