उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (GIIS) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए 'नये उत्तर प्रदेश' का रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रवासियों द्वारा किए गए उत्साहपूर्ण स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आगामी होली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के प्रति प्रवासियों का यह लगाव ही भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की ऊर्जा देता है।
सुरक्षा और निवेश का नया हब बना यूपी
मुख्यमंत्री ने विपक्षी काल की याद दिलाते हुए कहा कि 9 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश अव्यवस्था, अराजकता और दंगों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, "अब यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यूपी में सब चंगा है।"
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुरक्षा का ऐसा माहौल है कि महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी बेखौफ काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आकर्षित करते हुए कहा कि यूपी के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक और 34 सेक्टोरल पॉलिसियां मौजूद हैं, जो हर सेक्टर में निवेश को सुगम बनाती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर में नंबर-1 होने की ओर अग्रसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व की चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे अकेले उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश में मेट्रो, रैपिड रेल और एयरपोर्ट्स का जाल बिछ चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले माह जेवर में 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का उद्घाटन होने जा रहा है, जो न केवल यात्रियों बल्कि कार्गो के लिए भी एशिया का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट की मैन्युफैक्चरिंग में भी यूपी देश का नेतृत्व कर रहा है।
विरासत का सम्मान और विकास का संकल्प
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में 'विरासत और विकास' का अद्भुत संगम दिख रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन की दिव्यता प्रदेश की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष यूपी में रिकॉर्ड 156 करोड़ पर्यटक आए। 'ऑपरेशन सिंदूर' और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर की ताकत का भी अहसास कराया।
अंत में मुख्यमंत्री ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के भाव को दोहराते हुए कहा कि जिस प्रकार ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल लखनऊ में शिक्षा और स्किलिंग के क्षेत्र में निवेश करने जा रहा है, उसी प्रकार अन्य प्रवासी भारतीयों को भी अपनी जड़ों की ओर लौटकर उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनना चाहिए।