Monday, March 30, 2026
BREAKING
वह दिन दूर नहीं जब कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से विद्यार्थी बेहतर शिक्षा लेने के लिए पंजाब आएंगे: भगवंत सिंह मान विपक्ष पंजाब के पंजाब की स्वास्थ्य योजना के बारे में गलत प्रचार कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह चंडीगढ़ : शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने थामा भाजपा का दामन, अश्वनी शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना फरीदकोट नशा विरोधी अभियान में पंजाब के शीर्ष जिलों में शामिल; अपराध में 37 प्रतिशत गिरावट पंजाब में वेयरहाउसिंग अधिकारी की मौत का मामला कमजोर किया जा रहा है : सुनील जाखड़ मंत्रिमंडल ने एनएचएआई के सड़क प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी दी सांसद सैलजा ने किसानों की समस्याओं को बताया अत्यंत चिंताजनक कांग्रेस विधायक दल की बैठकः प्रदेशभर की मंडियों में जाएंगे कांग्रेस विधायक- हुड्डा राज्यसभा चुनाव में धांधली करने वाले निर्वाचन अधिकारी की शिकायत करेगी कांग्रेसः हुड्डा ईरान युद्ध के बीच सरकार ने केरोसिन की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए नियमों में दी ढील

राष्ट्रीय

सूर्य की गतिविधि से बनता है 'स्पेस वेदर', जानें पृथ्वी को कैसे करता है प्रभावित

30 मार्च, 2026 07:45 PM

नई दिल्ली : सूर्य पृथ्वी से लगभग 93 मिलियन मील (150 मिलियन किलोमीटर) दूर है, फिर भी उसकी गतिविधियां हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। सूर्य की सतह पर होने वाली गतिविधियों से बनने वाले मौसम को 'अंतरिक्ष मौसम' या स्पेस वेदर कहा जाता है।

यह अपने सबसे खतरनाक रूप में सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकता है और पृथ्वी पर बिजली व्यवस्था को ठप कर सकता है। अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पृथ्वी पर जिंदगी सैटेलाइट, संचार और बिजली प्रणालियों पर काफी हद तक निर्भर है। वैज्ञानिक लगातार इस पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी बड़े खतरे से पहले तैयारी की जा सके।

वैज्ञानिक बताते हैं कि अंतरिक्ष मौसम क्या है? सूर्य लगातार गैस और आवेशित कणों की धारा अंतरिक्ष में छोड़ता रहता है। इसे 'सौर पवन' कहते हैं। ये कण सूर्य के बाहरी वायुमंडल यानी 'कोरोना' से निकलते हैं। सौर पवन इन कणों को पृथ्वी की ओर करीब 10 लाख मील प्रति घंटे की तेज रफ्तार से ले जाती है।

हालांकि पृथ्वी की प्राकृतिक ढाल यानी पृथ्वी के चारों ओर एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र है, जो एक ढाल की तरह काम करता है। यह चुंबकीय क्षेत्र और वायुमंडल मिलकर सौर पवन के अधिकांश कणों को रोक लेते हैं। ये कण चुंबकीय क्षेत्र से टकराकर पृथ्वी के चारों ओर बह जाते हैं। चुंबकीय क्षेत्र का सूर्य की ओर वाला हिस्सा चपटा हो जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा लंबी पूंछ की तरह फैल जाता है।

हालांकि, कभी-कभी ये आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को भेदकर वायुमंडल में घुस जाते हैं। इन कणों के वायुमंडल से टकराने पर रंग-बिरंगी रोशनी पैदा होती है, जिसे 'ऑरोरा' कहा जाता है। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्रों में यह खूबसूरत प्रकाश नजारा देखने को मिलता है।

कभी-कभी सूर्य पर तीव्र चुंबकीय गतिविधि के कारण शक्तिशाली 'सौर तूफान' आते हैं। इन तूफानों में सौर पवन बहुत ज्यादा तेज और खतरनाक हो जाती है। ये तूफान अचानक आ सकते हैं और कुछ ही मिनटों में पृथ्वी तक पहुंच सकते हैं। इनके प्रभाव से उपग्रहों की कार्यप्रणाली बिगड़ सकती है, जीपीएस सिस्टम प्रभावित हो सकता है और पृथ्वी पर बिजली की सप्लाई तक ठप हो सकती है।

इस पर वैज्ञानिक निगरानी रखते हैं। इसके लिए वे सौर तूफानों की पहले से भविष्यवाणी करने की कोशिश करते हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की सोलर एंड हेलियोस्फेरिक ऑब्जर्वेटरी, कोरोनल मास इजेक्शन की निगरानी करती है। सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी और नोआ सैटेलाइट सीरीज सूर्य की निरंतर निगरानी करते हैं। ये उपग्रह सौर तूफानों की चेतावनी पहले से जारी करते हैं, जिससे नुकसान को कम किया जा सकता है।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

हॉकी इंडिया ने की सीनियर महिला नेशनल कोचिंग कैंप की घोषणा, 31 खिलाड़ियों को किया शामिल

हॉकी इंडिया ने की सीनियर महिला नेशनल कोचिंग कैंप की घोषणा, 31 खिलाड़ियों को किया शामिल

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी में 5.2 प्रतिशत रही

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी में 5.2 प्रतिशत रही

गोबरधन योजना: बायोगैस संयंत्रों ने बदली यूपी के गांवों की तस्वीर, स्वच्छता के साथ आय और रोजगार में बढ़ोतरी

गोबरधन योजना: बायोगैस संयंत्रों ने बदली यूपी के गांवों की तस्वीर, स्वच्छता के साथ आय और रोजगार में बढ़ोतरी

सबरीमाला सोना चोरी मामला: भाजपा ने दिया करारा जवाब, कहा- 'राहुल गांधी का झूठ फिर आया सामने'

सबरीमाला सोना चोरी मामला: भाजपा ने दिया करारा जवाब, कहा- 'राहुल गांधी का झूठ फिर आया सामने'

भारत में प्रोडक्ट डिजाइन नहीं करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को नहीं मिलेगा सरकारी फायदा: अश्विनी वैष्णव

भारत में प्रोडक्ट डिजाइन नहीं करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को नहीं मिलेगा सरकारी फायदा: अश्विनी वैष्णव

पीएम मोदी का गुजरात दौरा, 19,800 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

पीएम मोदी का गुजरात दौरा, 19,800 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, दिवालियापन प्रक्रिया में आएगी तेजी

लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, दिवालियापन प्रक्रिया में आएगी तेजी

ईरान में एयर स्ट्राइक से फैल रहा जहरीला धुआं, ब्लैक रेन हो सकती है खतरनाक : संजय राउत

ईरान में एयर स्ट्राइक से फैल रहा जहरीला धुआं, ब्लैक रेन हो सकती है खतरनाक : संजय राउत

नए शैक्षणिक सत्र पर मुख्यमंत्री योगी की बच्चों को नसीहत, स्क्रीन टाइम घटाएं, एक्टिविटी टाइम बढ़ाएं

नए शैक्षणिक सत्र पर मुख्यमंत्री योगी की बच्चों को नसीहत, स्क्रीन टाइम घटाएं, एक्टिविटी टाइम बढ़ाएं

'श्यामजी कृष्ण वर्मा के जीवन से मिलती है साहस और हौसले की प्रेरणा', पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने किया नमन

'श्यामजी कृष्ण वर्मा के जीवन से मिलती है साहस और हौसले की प्रेरणा', पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने किया नमन