नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि डीआरडीओ अगले दशक में देश की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए हमारे जरूरी ठिकानों को एयर डिफेंस सिस्टम से लैस करने के लिए तैयार है। हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हवाई युद्ध में एयर डिफेंस की अहमियत देखी। मुझे भरोसा है कि डीआरडीओ जल्द ही इस लक्ष्य को पाने के लिए पूरे दिल से काम करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि डीआरडीओ जल्द ही रूस के एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की तर्ज पर स्वदेशी सुदर्शन चक्र बना लेगा। डीआरडीओ के 68वें स्थापना दिवस के मौके पर नई दिल्ली में डीआरडीओ मुख्यालय का दौरा करने के दौरान रक्षा मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ की हथियार प्रणालियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई, जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए संगठन की व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता का सबूत है।
सशस्त्र बलों को आधुनिक हथियारों से लैस करके भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए डीआरडीओ की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान हथियारों ने बिना किसी रुकावट के काम किया, जिससे सैनिकों का हौसला बढ़ा। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में स्वदेशी सुदर्शन चक्र बनाने की घोषणा की थी, जिसमें डीआरडीओ अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत डीआरडीओ अगले दशक में हवाई सुरक्षा पक्का करने के लिए हमारे जरूरी ठिकानों को एयर डिफेंस सिस्टम से लैस करने के लिए तैयार है।
बीते वर्ष 3.84 लाख करोड़ के रक्षा खरीद सौदे मंजूर
रक्षा मंत्रालय ने‘सुधारों के वर्ष 2025’में रक्षा तैयारियों को पुख्ता बनाने के लिए तीनों सेनाओं के लिए 3.84 लाख करोड़ रुपए से अधिक के खरीद सौदों को मंजूरी दी और मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 1.82 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि रक्षा मंत्रालय ने बीते वर्ष सेनाओं में संयुक्तता को मजबूत करने, रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और कल्याणकारी प्रणालियों में सुधार के उद्देश्य से व्यापक सुधारों के कार्यान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति की।