सरकार ने मंगलवार को ‘नई चेतना 4.0’ अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकना है। यह राष्ट्रीय अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह एक महीने का अभियान 23 दिसंबर 2025 तक देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। इसे दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना
महिलाओं को आर्थिक योगदानकर्ता के रूप में पहचान देना
अनपेड केयर वर्क को समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाना
महिलाओं की संपत्तियों, क्रेडिट, कौशल और बाजारों तक पहुंच बढ़ाना
उद्यमिता और आजीविका के अवसरों को विस्तार देना
नीतियों और बजट को जेंडर-रिस्पॉन्सिव बनाना, ताकि महिला आवाजें निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनें
ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम लॉन्च करते हुए कहा,
“सरकार का संकल्प है कि कोई बहन गरीबी में न रहे, किसी महिला की आंख में आंसू न हो, और हर बहन ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मान और समृद्धि पाए।”
उन्होंने बताया कि अब तक देश में दो करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार ग्रामीण महिलाओं को और अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
‘नई चेतना’ बनेगी जन आंदोलन
अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं की सामूहिक शक्ति ने ‘नई चेतना’ को एक मजबूत जमीनी आंदोलन बना दिया है।
कार्यक्रम में 11 मंत्रालयों और विभागों द्वारा संयुक्त सलाह जारी की गई, जो ‘सम्पूर्ण-सरकार’ दृष्टिकोण के माध्यम से लैंगिक भेदभाव और हिंसा समाप्त करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
लॉन्च कार्यक्रम में केंद्र सरकार, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों, SHG सदस्यों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।