नई दिल्ली : सनातन धर्म के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। सपा सांसदों ने राम जन्मभूमि से जुड़े कथित जमीन घोटालों, चढ़ावा राशि के दुरुपयोग और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना केवल मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की जनता सरकार से निराश है और राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में जिस तरह जमीन घोटाले और चढ़ावा राशि में अनियमितताएं हुई हैं, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद आज तक किसी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी एफआईआर को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा का काम करने का यही तरीका बन गया है। उनके अयोध्या से उनके सांसद चुने जाने के बाद भाजपा असहज है और यह स्वीकार नहीं कर पा रही कि वहां से जनता ने एक अनुसूचित जाति का प्रतिनिधि चुना है।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि भगवान राम को कोई लेकर नहीं आया, वे अनादि काल से हैं। राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद हुआ और इसका श्रेय किसी राजनीतिक दल को नहीं दिया जा सकता। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा अयोध्या लोकसभा सीट पर मिली हार का जवाब आज तक नहीं दे पाई है और इसी हताशा में उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कहा कि देश इस समय बेरोजगारी, युवाओं की आत्महत्या, प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
इस बीच, पप्पू यादव पर हुए हमले की सपा नेता राजीव राय ने निंदा की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से वंचित करने की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने कहा कि किसी के विचारों से सहमति या असहमति हो सकती है, लेकिन हिंसा या हमला किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। पप्पू यादव ने केवल वही सवाल उठाए हैं जो देश के एक वर्ग के मन में हैं। भगवान के नाम पर चढ़ावे और जमीन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के आरोपों पर जवाब देने के बजाय विरोध की राजनीति की जा रही है।
सपा सांसद अफजल अंसारी ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पप्पू यादव का उद्देश्य समाज के सामने यह सवाल रखना था कि भगवान के चढ़ावे की राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (,सीबीआई) से कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। अफजल अंसारी ने कहा कि इस विषय को लेकर जनता में व्यापक प्रतिक्रिया है और लोग जवाब चाहते हैं।
अफजल अंसारी ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन सवालों को पहले उठाया था, तब सरकार ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की बातें अब जनता तक पहुंच चुकी हैं और इस पर पारदर्शी जांच की आवश्यकता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि एफआईआर से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा और इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि जब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में भगवान हनुमान के स्वरूप में कलाकारों से नृत्य कराया गया, तब धार्मिक भावनाओं की बात क्यों नहीं उठाई गई।