Monday, October 05, 2026
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बाज़ार

वित्त वर्ष 2026 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने दर्ज की 15.9 प्रतिशत की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ: सरकार

05 मई, 2026 07:34 PM

नई दिल्ली : सरकार ने मंगलवार को बताया कि मजबूत आर्थिक गतिविधियों और कर्ज की बढ़ती मांग को दर्शाते हुए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15.9 प्रतिशत की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ दर्ज की है।

वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ भी 15.9 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि के 10.9 प्रतिशत की तुलना में 497 बेसिस प्वाइंट (बीपीएस) अधिक है।

मार्च 2026 तक कुल बकाया कर्ज (एग्रीगेट क्रेडिट आउटस्टैंडिंग) 212.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 29.2 लाख करोड़ रुपए अधिक है।

बयान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में क्रेडिट ग्रोथ व्यापक आधार पर हुई, जिसमें सर्विस सेक्टर ने सबसे अधिक योगदान दिया। इसके बाद पर्सनल लोन, कृषि और संबद्ध गतिविधियां तथा उद्योग क्षेत्र का स्थान रहा।

कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 15.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष के 10.4 प्रतिशत की तुलना में 528 बेसिस प्वाइंट अधिक है, जो कृषि क्षेत्र के लिए मजबूत समर्थन को दर्शाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बनी मांग और ग्रामीण कर्ज के औपचारिककरण ने वित्त वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र में कर्ज वितरण की सकारात्मक गति को बनाए रखा।

उद्योग क्षेत्र में कर्ज वितरण लगभग दोगुनी दर से बढ़कर 15.0 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले साल यह 8.2 प्रतिशत था।

माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज में 33.1 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 3.7 गुना ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ को दर्शाती है।

मध्यम आकार के उद्योगों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जहां क्रेडिट 21.7 प्रतिशत तक बढ़ा। उद्योग क्षेत्र में कर्ज बढ़ने के प्रमुख कारणों में इंफ्रास्ट्रक्चर, बेसिक मेटल, केमिकल्स, पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और न्यूक्लियर फ्यूल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं।

सर्विस सेक्टर, जो कुल क्रेडिट में 28 प्रतिशत का योगदान देता है, ने साल-दर-साल आधार पर 19.0 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 12.0 प्रतिशत थी।

यह वृद्धि मुख्य रूप से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी), ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग के कारण हुई।

इसके अलावा, पर्सनल लोन सेगमेंट, जिसकी कुल क्रेडिट में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है, वित्त वर्ष 2026 में 16.2 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले साल के 11.7 प्रतिशत के मुकाबले 455 बेसिस प्वाइंट ज्यादा है।

हाउसिंग सेगमेंट में ग्रोथ स्थिर रही, जबकि वाहन लोन और सोने के आभूषण के बदले दिए जाने वाले लोन में मजबूत बढ़त जारी रही।

 

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