ईरान ने यूरोपीय संघ के उस फैसले के विरोध में अपने सभी ईयू राजदूतों को तलब किया है, जिसमें ईरान की अर्द्धसैनिक इकाई रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित किया गया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने पत्रकारों को बताया कि इन राजदूतों को रविवार को तलब किया गया था। ईरान ने इस कदम को राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप करार दिया है। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे EU के फैसले को “गैरकानूनी” और “अस्वीकार्य” मानते हैं और आवश्यक कूटनीतिक कार्रवाई करने का संकेत दिया है।
यूरोपीय संघ ने जनवरी में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों पर रिवोल्यूशनरी गार्ड की कथित हिंसक कार्रवाई और दमन के आधार पर इसे आतंकवादी समूह घोषित किया था। ईयू के इस निर्णय के बाद से ईरान-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा है, और ईरान ने कई बार पश्चिमी देशों पर दखलअंदाजी का आरोप लगाया है। राजदूतों को तलब करने का यह कदम ईरान की कूटनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे यूरोपीय संघ के साथ संवाद और सहयोग के स्तर पर बदलाव की संभावना बढ़ गई है।