रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत पहुंचने वाले हैं और उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा है, जिस कारण यह यात्रा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। पीएम मोदी आज रात उनके सम्मान में एक प्राइवेट डिनर की मेजबानी भी करेंगे, जिसे लेकर राजनीतिक और वैश्विक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।
कई बड़े समझौतों की उम्मीद
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है। सबसे चर्चित मुद्दा S-400 मिसाइल सिस्टम से जुड़े रक्षा सहयोग का है। यह पुतिन का भारत का पहला दौरा होगा, जो दिसंबर 2021 के बाद हो रहा है- यानी रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा।
रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे
राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वर्ष 2000 में राष्ट्रपति पुतिन और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मिलकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की थी, जिसे आज दुनिया के सबसे स्थिर और भरोसेमंद साझेदारियों में से एक माना जाता है।