भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राम नवमी की पूर्व संध्या पर देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है।
राष्ट्रपति का संदेश जारी
राष्ट्रपति भवन से जारी अपने संदेश में द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और विदेश में रहने वाले भारतीयों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”
भगवान राम के आदर्शों पर जोर
उन्होंने कहा कि राम नवमी का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भगवान राम का जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कर्तव्य और सदाचार की सीख
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्री राम का जीवन हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है और उनके आदर्श हमारी संस्कृति की नींव हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।
राष्ट्र सेवा का आह्वान
उन्होंने अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान श्री राम की शिक्षाओं को आत्मसात करें और अपने विचारों, शब्दों और कार्यों से राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लें।
शांति और समृद्धि की कामना
द्रौपदी मुर्मु ने देश में शांति, समृद्धि और सद्भावना की कामना करते हुए आशा जताई कि भगवान राम की कृपा से हर भारतीय के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।
देशभर में उत्सव का माहौल
राम नवमी हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे देशभर में भव्य रूप से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामलीला और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
जोर-शोर से चल रही तैयारियां
राष्ट्रपति का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में राम नवमी को लेकर उत्साह चरम पर है और श्रद्धालु इस पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में जुटे हैं।
बेहतर समाज के निर्माण का संदेश
भगवान राम के आदर्शों—मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और न्याय—को अपनाने पर जोर देते हुए द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इन मूल्यों के माध्यम से ही एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।