जयपुर : राजस्थान में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मार्च के मध्य में ही पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में लू (Heatwave) चलने लगी है। बुधवार को बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी का असर पर्यटन पर भी पड़ रहा है; जयपुर के अल्बर्ट हॉल जैसे व्यस्त स्थलों पर दोपहर में सन्नाटा देखा जा रहा है। हीटवेव वाले जिले: बाड़मेर (लगातार 3 दिनों से), जैसलमेर (39.1°C) और फलोदी (39.2°C) में दिनभर लू का प्रभाव रहा।
अन्य शहरों की स्थिति: जयपुर, कोटा, चूरू और जोधपुर में भी पारा 37 से 38 डिग्री के बीच रहा, जो सामान्य से 5 से 7 डिग्री अधिक है।
गर्मी के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
दवाइयों का स्टॉक: अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयां सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बेड्स का आरक्षण: जिला अस्पतालों में 10 बेड, CHC पर 3-6 बेड और PHC पर 1 बेड विशेष रूप से हीटवेव मरीजों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुविधाएं: मरीजों के लिए कूलर, पंखे, एसी और पीने के ठंडे पानी की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
जहां एक तरफ गर्मी झुलसा रही है, वहीं उत्तर भारत में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम में बदलाव की संभावना है:
राहत की उम्मीद : मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 12 मार्च से पश्चिमी हवाओं के कमजोर होने से लू से थोड़ी राहत मिल सकती है।
यलो अलर्ट : 14 मार्च को प्रदेश के 8 जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिसके लिए विभाग ने 'यलो अलर्ट' जारी किया है।
बादलों की आवाजाही : श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में बुधवार दोपहर बाद बादल छाने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।