हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यूपीआई भारत की डिजिटल ताकत है और सरकार को ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनानी चाहिए जिससे व्यापारियों तथा आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ की आशंका पैदा हो। राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार को पारदर्शिता के साथ इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और जनहित में इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम डिजिटल भुगतान की उस क्रांति को कमजोर करने वाला है, जिसने देश को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पहले से ही कई तरह के आर्थिक दबाव हैं। ऐसे में यूपीआई पर शुल्क लगाने से व्यापारियों को अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ेगा, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए, न कि नए बोझ बढ़ाने वाले।
राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह यूपीआई को पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखते हुए इसकी पहुंच और विश्वसनीयता को और मजबूत करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी व्यापारियों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।