Monday, May 04, 2026
BREAKING
आईपीएल 2026: सीएसके-डीसी के बीच जंग, मुकाबला जीतकर प्लेऑफ की दौड़ में करीब आना मकसद विधानसभा उपचुनाव : गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में भाजपा उम्मीदवार जीते, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे हिमाचल बोर्ड: 12वीं के नतीजे घोषित, 92.02 फीसदी परीक्षार्थी हुए पास भारत को मिलेगी एआई ऑर्बिटल डेटा सेंटर सैटेलाइट; पिक्सेल और सर्वम ने की साझेदारी असम चुनाव परिणाम: जोरहाट से भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को हराया, छठी बार बने विधायक आईपीएल 2026: उंगली की चोट के बाद इग्लैंड लौटे आरसीबी के ओपनर फिल सॉल्ट कमोडिटी डेरिवेटिव्स में बैंकों-बीमा कंपनियों की एंट्री के पक्ष में नहीं आरबीआई और आईआरडीएआई: सेबी प्रमुख मनोज मुंतशिर को भा गई 'चिरैया', बोले- शादी लाइसेंस नहीं है, समाज को संवेदनशील होना पड़ेगा बंगाल चुनाव परिणाम: इन चुनावी वादों और ‘एम फैक्टर’ ने किया 'दीदी का खेला', भाजपा को बंपर बढ़त मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया और जापान ने एनर्जी-मिनरल्स पर समझौते पर लगाई मुहर

राष्ट्रीय

बंगाल चुनाव परिणाम: इन चुनावी वादों और ‘एम फैक्टर’ ने किया 'दीदी का खेला', भाजपा को बंपर बढ़त

04 मई, 2026 05:34 PM

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। अब तक के ट्रेंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पीछे नजर आ रही है। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा।

इस बार की लड़ाई सिर्फ सीटों की नहीं रही, बल्कि रणनीति, वादों और सामाजिक समीकरणों की भी रही। भाजपा ने जहां अपने वादों के जरिए मजबूत नैरेटिव खड़ा किया, वहीं ‘एम फैक्टर’ ने चुनावी गणित को पूरी तरह प्रभावित किया।

भाजपा ने अवैध घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाया। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बाहर करने का वादा खासकर सीमावर्ती इलाकों में असरदार साबित हुआ। इसे सुरक्षा और स्थानीय अधिकारों से जोड़कर पेश किया गया।

महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने जैसे वादों ने बड़ा असर डाला। केंद्र की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने का भरोसा भी दिया गया, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग में पकड़ मजबूत हुई।

राज्य में बढ़ती हिंसा और अपराध के आरोपों को भाजपा ने जोर-शोर से उठाया। ‘सख्त कानून व्यवस्था’ और यूपी मॉडल लागू करने का वादा शहरी और मध्यम वर्ग को प्रभावित करता दिखा।

‘सिंडिकेट राज’ खत्म करने और पारदर्शिता लाने का वादा भाजपा के प्रचार का अहम हिस्सा रहा। लंबे समय से सिस्टम से नाराज वोटर्स को यह संदेश सीधा लगा।

बंद पड़े उद्योगों को चालू करने और नए निवेश लाने के वादे ने युवाओं और व्यापारिक वर्ग को आकर्षित किया। ‘सोनार बांग्ला’ का सपना इसी के साथ जोड़ा गया।

इन वादों के साथ ही, भाजपा ने इन एम फैक्टर पर भी काम किया, जिन्होंने चुनाव परिणाम को पलट दिया। करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी पारंपरिक रूप से टीएमसी के साथ रही है, लेकिन इस बार नए समीकरण बने। हूमायूं कबीर की पार्टी एजेयूपी ने इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की, जबकि ध्रुवीकरण ने भी असर डाला।

महिलाएं इस चुनाव में निर्णायक भूमिका में रहीं। टीएमसी की योजनाओं और भाजपा के सुरक्षा व सम्मान के मुद्दों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

बंगाल से बाहर काम करने वाले लाखों लोगों का वोट इस बार अहम रहा। रोजगार के मुद्दे और ‘सोनार बांग्ला’ का विजन इन मतदाताओं को प्रभावित करता दिखा।

उत्तर 24 परगना समेत कई इलाकों में मतुआ वोट निर्णायक रहा। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर इस समुदाय की उम्मीदें भाजपा के पक्ष में जाती दिखीं।

ममता बनर्जी की व्यक्तिगत छवि और जुझारू राजनीति टीएमसी की सबसे बड़ी ताकत रही। हालांकि इस बार भाजपा ने उन पर सीधे हमले से बचते हुए अलग रणनीति अपनाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियां, रोड शो और राष्ट्रीय मुद्दों पर फोकस ने भाजपा को नई ऊर्जा दी। उनकी लोकप्रियता ने नए वोटर्स को जोड़ने में मदद की।

कुल मिलाकर, भाजपा ने अपने वादों और सामाजिक समीकरणों को जमीन पर उतारने में बढ़त हासिल की, जबकि टीएमसी इनका प्रभावी जवाब देने में संघर्ष करती दिखी। लंबे समय से सत्ता में रहने का असर भी एंटी-इंकंबेंसी के रूप में सामने आया।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

विधानसभा उपचुनाव : गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में भाजपा उम्मीदवार जीते, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे

विधानसभा उपचुनाव : गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में भाजपा उम्मीदवार जीते, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे

असम चुनाव परिणाम: जोरहाट से भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को हराया, छठी बार बने विधायक

असम चुनाव परिणाम: जोरहाट से भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को हराया, छठी बार बने विधायक

भारत में रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन की वैल्यू 2026 की पहली तिमाही में 1.7 अरब डॉलर रही

भारत में रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन की वैल्यू 2026 की पहली तिमाही में 1.7 अरब डॉलर रही

पश्चिम बंगाल : मुस्लिम वोट बैंक में दरार? रुझानों ने उठाए सवाल ; ममता बनर्जी की बढ़ती मुश्किलें

पश्चिम बंगाल : मुस्लिम वोट बैंक में दरार? रुझानों ने उठाए सवाल ; ममता बनर्जी की बढ़ती मुश्किलें

पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों के बीच श्रीलंका के विपक्ष के नेता ने पीएम मोदी को दी बधाई

पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों के बीच श्रीलंका के विपक्ष के नेता ने पीएम मोदी को दी बधाई

पश्चिम बंगाल में शहर-शहर भाजपा कार्यकर्ताओं का जश्न, कोलकाता में बांटी गईं कमला भोग और झाल मुड़ी

पश्चिम बंगाल में शहर-शहर भाजपा कार्यकर्ताओं का जश्न, कोलकाता में बांटी गईं कमला भोग और झाल मुड़ी

संत त्यागराज की 259वीं जयंती : सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्प, पवन कल्याण ने सुझाए दो बड़े प्रस्ताव

संत त्यागराज की 259वीं जयंती : सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्प, पवन कल्याण ने सुझाए दो बड़े प्रस्ताव

विधानसभा उपचुनाव: रुझान में पांच राज्यों की 7 सीटों पर भाजपा को बढ़त, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे

विधानसभा उपचुनाव: रुझान में पांच राज्यों की 7 सीटों पर भाजपा को बढ़त, बारामती से सुनेत्रा पवार आगे

बंगाल में भगवा की चमक, तमिलनाडु में विजय की धमक, असम में बिस्वा पर विश्वास कायम

बंगाल में भगवा की चमक, तमिलनाडु में विजय की धमक, असम में बिस्वा पर विश्वास कायम

रुझानों में बंगाल में BJP ने छुआ 150 का आंकड़ा, तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK सबसे आगे

रुझानों में बंगाल में BJP ने छुआ 150 का आंकड़ा, तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK सबसे आगे