पिछले तीन वर्षों के दौरान 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जांच किए गए 70,652 फल और सब्जियों के नमूनों में से केवल करीब 3.1 प्रतिशत में ही भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित अधिकतम अवशेष सीमा (MRL) से ज्यादा कीटनाशक अवशेष पाए गए। सरकार ने मंगलवार को संसद में यह जानकारी दी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) वर्ष 2005-06 से राष्ट्रीय स्तर पर कीटनाशक अवशेषों की निगरानी (MPRNL) परियोजना लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों में कीटनाशक अवशेषों के स्तर का आकलन करना है।
संसद में एक तारांकित प्रश्न के जवाब में चौहान ने बताया कि इस परियोजना के तहत नमूने 40 भाग लेने वाली प्रयोगशालाओं के माध्यम से एकत्र किए जाते हैं। इसके बाद जांच रिपोर्ट संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि विभागों के साथ साझा की जाती है, ताकि किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने और कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा सकें।
सरकार ने राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) भी शुरू की है। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके माध्यम से वास्तविक समय में कीटों की पहचान, निगरानी और विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराई जाती है।
मंत्री के अनुसार, NPSS के तहत जरूरत पड़ने पर ही पंजीकरण समिति द्वारा अनुमोदित कीटनाशकों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है और उनकी निर्धारित मात्रा का पालन करने पर जोर दिया जाता है।
कृषि मंत्रालय अपने 48 केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्रों (CIPMCs) और टिड्डी-सह-केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्रों (LCIPMCs) के माध्यम से भी जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चला रहा है।
वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच इन केंद्रों ने 1,353 किसान फील्ड स्कूल कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे 46,969 किसान लाभान्वित हुए। इसी अवधि में 680 दो-दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 37,664 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा, कीटनाशकों के सुरक्षित और विवेकपूर्ण इस्तेमाल को लेकर 2,384 जागरूकता अभियानों के माध्यम से 76,702 किसानों तक पहुंच बनाई गई। मंत्रालय ने इसी अवधि में 2,548 बीज उपचार अभियान भी चलाए, जिनसे 81,048 किसान लाभान्वित हुए।
सरकार आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए विभिन्न योजनाएं भी लागू कर रही है। इनमें फलों और सब्जियों के उत्पादन सहित बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) भी शामिल है।
इसके अलावा, 21 राज्यों ने कीटनाशक अवशेषों की निगरानी तथा अच्छी कृषि पद्धतियों (GAP) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए समितियों का गठन किया है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों में कीटनाशक अवशेषों को कम करना है।